Sahara Desert Snowfall: अल्जीरिया के ऐन सेफ्रा में सहारा की रेत पर बर्फ की चादर, नजारा हुआ वायरल

Sahara Desert Snowfall: अल्जीरिया के ऐन सेफ्रा में सहारा की रेत पर बर्फ की चादर, नजारा हुआ वायरल
अल्जीरिया के ऐन सेफ्रा शहर में सहारा रेगिस्तान के सुनहरे रेतीले टीलों पर बर्फ की सफेद चादर बिछी दिखाई दे रही है, जिसने पूरी दुनिया को हैरानी में डाल दिया है। 17 जनवरी 2026 से शुरू हुई हल्की बर्फबारी का यह सिलसिला लगातार जारी है और रेगिस्तान की सूखी, बंजर रेत के साथ बना यह अद्भुत दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए पहचाने जाने वाले सहारा रेगिस्तान में बर्फबारी का यह नजारा लोगों को रोमांचित भी कर रहा है और सोचने पर मजबूर भी।
ऐन सेफ्रा को “सहारा का प्रवेश द्वार” कहा जाता है। यह शहर उत्तरी सहारा में एटलस पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है और मोरक्को की सीमा के बेहद करीब है। यहां रेगिस्तान और पहाड़ी इलाकों का मेल मौसम को कभी-कभी असामान्य रूप से बदल देता है। इसी कारण यहां बर्फबारी जैसी दुर्लभ घटनाएं देखने को मिल जाती हैं। इस सर्दी में एक बार फिर सहारा के टीलों पर बर्फ की परत नजर आई है, जिसकी पहली रिपोर्ट 17 जनवरी को सामने आई थी।
इतिहास पर नजर डालें तो सहारा रेगिस्तान में बर्फबारी कभी बेहद दुर्लभ मानी जाती थी। पहली बार 1979 में यहां व्यापक रूप से बर्फबारी दर्ज की गई थी, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींचा था। इसके बाद लगभग चार दशकों तक रेगिस्तान पर दोबारा बर्फ नहीं दिखी। साल 2016 में यह दुर्लभ घटना फिर सामने आई और तब से इसकी आवृत्ति में इजाफा देखा गया है। 2021 के बाद से तो लगभग हर साल सहारा के कुछ हिस्सों में बर्फबारी की खबरें सामने आ रही हैं, जो जलवायु में हो रहे बदलावों की ओर भी इशारा करती हैं।
हालांकि रेगिस्तान को अत्यधिक गर्मी से जोड़ा जाता है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सही परिस्थितियों में यहां तापमान शून्य से नीचे भी जा सकता है। रेगिस्तान की रेत दिन में तेजी से गर्म हो जाती है और तापमान 30 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, लेकिन सर्दियों की साफ और बादल रहित रातों में यही रेत उतनी ही तेजी से अपनी गर्मी खो देती है। जब इस तेज शीतलन के साथ कोई शक्तिशाली शीत मोर्चा सक्रिय होता है, तो अत्यधिक ठंड और कभी-कभी बर्फबारी जैसी स्थिति बन जाती है।
ऐसी ही एक असाधारण घटना जनवरी 2005 में भी देखने को मिली थी, जब अल्जीरिया में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड -14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सर्दियों के दौरान वायु-संचरण के पैटर्न अटलांटिक महासागर, भूमध्य सागर और आंशिक रूप से हिंद महासागर से ठंडी और नम हवा को उत्तरी सहारा की ओर ले आते हैं। इससे रेगिस्तान के किनारी इलाकों में वर्षा और कभी-कभी बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है।
इस बार ऐन सेफ्रा में सहारा की रेत पर जमी बर्फ ने प्रकृति के इस अनोखे खेल को फिर से दुनिया के सामने ला दिया है। यह दृश्य न केवल पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि वैज्ञानिकों और जलवायु विशेषज्ञों के लिए भी अध्ययन का विषय बन गया है।
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