Noida car theft: नोएडा में शातिर कार चोरी गैंग का पर्दाफाश, फाइनेंस से उठी गाड़ियों को बेचकर GPS से कराते थे चोरी

Noida car theft: नोएडा में शातिर कार चोरी गैंग का पर्दाफाश, फाइनेंस से उठी गाड़ियों को बेचकर GPS से कराते थे चोरी
नोएडा: नोएडा पुलिस ने कार चोरी की एक बेहद शातिर और सुनियोजित साजिश का खुलासा किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो फाइनेंस कंपनियों से जब्त की गई गाड़ियों को सस्ते दाम पर खरीदकर बेचता था और बाद में उन्हीं गाड़ियों को GPS ट्रैकर और डुप्लीकेट चाबी के जरिए चोरी करवा लेता था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लोकेश नागर, अरुण भारद्वाज और अमित नागर के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फरीदाबाद, हरियाणा के रहने वाले हैं।
फाइनेंस से उठी गाड़ियों पर रचते थे साजिश
नोएडा जोन के डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि आरोपी अरुण भारद्वाज फाइनेंस कंपनियों द्वारा जब्त की गई या बैंक लोन विवाद में फंसी गाड़ियों को सेटलमेंट के जरिए बेहद सस्ते दामों पर खरीद लेता था। इसके बाद वह इन गाड़ियों को ग्राहकों को बेच देता था।
GPS और डुप्लीकेट चाबी से कराते थे चोरी
कार बेचने से पहले अरुण उस वाहन में गुप्त रूप से GPS ट्रैकर लगवाता और डुप्लीकेट चाबी तैयार करवा लेता था। जैसे ही ग्राहक कार खरीदता और आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने से पहले कुछ समय बीतता, अरुण अपने साथियों लोकेश नागर और अमित नागर को कार चोरी करने का निर्देश देता था।
दोनों आरोपी GPS लोकेशन के आधार पर कार तक पहुंचते और डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर गाड़ी चोरी कर वापस अरुण को सौंप देते थे। इसके बाद वही कार दोबारा किसी अन्य ग्राहक को बेच दी जाती थी।
टाटा नेक्सॉन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ग्रे रंग की टाटा नेक्सॉन कार बरामद की है। यह वही कार है जिसे हाल ही में अरुण ने एक ग्राहक को बेचा था। कार चोरी होने के बाद पीड़ित ने थाना सेक्टर-113 में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया।
पहले भी कर चुके हैं वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी इसी तरीके से कई गाड़ियों को बेचकर उनकी चोरी करवा चुके हैं। खास बात यह थी कि आरसी ट्रांसफर नहीं होने के कारण तकनीकी रूप से गाड़ियां उनके नाम नहीं आती थीं, जिससे वे लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई से बचते रहे।
अन्य जिलों में भी खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ अन्य जनपदों में भी इस तरह के मामले सामने आ सकते हैं। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
नोएडा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि फाइनेंस या लोन विवाद वाली गाड़ियां खरीदते समय पूरी जांच-पड़ताल करें, आरसी ट्रांसफर से पहले वाहन का इस्तेमाल न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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