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Noida: गंगा–यमुना लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण नए साल में होगा शुरू, जमीन मुआवजे के लिए 1240 करोड़ रुपये की मांग

Noida: गंगा–यमुना लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण नए साल में होगा शुरू, जमीन मुआवजे के लिए 1240 करोड़ रुपये की मांग

नोएडा। उत्तर प्रदेश में सड़क और औद्योगिक कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला गंगा–यमुना लिंक एक्सप्रेसवे अब जल्द धरातल पर उतरने जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य नए साल में शुरू होने की तैयारी है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के मद में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को 1240 करोड़ रुपये की मांग भेज दी है।

इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी और तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो जाएगी। परियोजना को रणनीतिक रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाला यातायात बिना शहरों में प्रवेश किए सीधे यमुना एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट तक पहुंच सके।

यूपीडा द्वारा तैयार परियोजना के अनुसार लिंक एक्सप्रेसवे की शुरुआत गंगा एक्सप्रेसवे के 44 किलोमीटर माइल स्टोन से होगी। यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जिले के कई गांवों से होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर फिल्म सिटी के पास जाकर जुड़ेगा। लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 73 किलोमीटर होगी, जिसमें से करीब 17 किलोमीटर हिस्सा YEIDA क्षेत्र में पड़ेगा।

YEIDA क्षेत्र में बनने वाले हिस्से में इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक के साथ विकसित किया जाएगा। करीब आठ किलोमीटर लंबा हिस्सा भूतल पर बनेगा, जबकि लगभग नौ किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा। एलिवेटेड हिस्से का निर्माण इसलिए किया जा रहा है ताकि रास्ते में आने वाली सड़कों के लिए अंडरपास और रेल लाइन के लिए रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण किया जा सके और यातायात निर्बाध बना रहे।

लिंक एक्सप्रेसवे को 130 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। इसमें मुख्य एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 80 मीटर होगी, जबकि दोनों ओर 25-25 मीटर चौड़ी तीन लेन की सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। इन सर्विस रोड के जरिए YEIDA के विभिन्न सेक्टरों को एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे स्थानीय आवागमन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन क्रय की जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण की होगी, जिस पर करीब 1240 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, एक्सप्रेसवे के निर्माण की लागत यूपीडा वहन करेगा। प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए यूपीडा को मुआवजे की मांग भेज दी है, ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी न हो।

लिंक एक्सप्रेसवे के YEIDA क्षेत्र से गुजरने से औद्योगिक और आवासीय विकास को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके किनारे औद्योगिक सेक्टर-28, 33 और 34 के अलावा सेक्टर-21 (फिल्म सिटी), सेक्टर-10 (ईएमसी), सेक्टर-11 (फिनटेक सिटी) विकसित होंगे। इसके साथ ही आवासीय सेक्टर-4 और 5, सेक्टर-4ए (प्रस्तावित कोरियन सिटी) और सेक्टर-5ए (प्रस्तावित जापानी सिटी) को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इस एक्सप्रेसवे की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसकी कनेक्टिविटी राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से भी होगी। इसके लिए एक इंटरचेंज का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित रुंधी–चोला रेल लाइन को भी क्रॉस करेगा, जिससे भविष्य में सड़क और रेल नेटवर्क के बीच बेहतर समन्वय बन सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा–यमुना लिंक एक्सप्रेसवे के बनते ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के बड़े हिस्से से सीधे जुड़ जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।

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