Semiconductor Plant Noida: यमुना सिटी में देश के छठे सेमीकंडक्टर प्लांट का रास्ता साफ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के साथ होगा शिलान्यास

Semiconductor Plant Noida: यमुना सिटी में देश के छठे सेमीकंडक्टर प्लांट का रास्ता साफ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के साथ होगा शिलान्यास
नोएडा। उत्तर प्रदेश एक और बड़ी औद्योगिक उपलब्धि की दहलीज पर खड़ा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण समारोह के साथ ही यमुना सिटी क्षेत्र में देश के छठे सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास किए जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जमीन आवंटन की औपचारिक प्रक्रिया पूरा करने जा रहा है। यह प्लांट एचसीएल और ताइवान की दिग्गज टेक कंपनी फॉक्सकॉन के संयुक्त उद्यम ‘वामासुंदरी’ द्वारा स्थापित किया जाएगा, जो भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
YEIDA के अनुसार, परियोजना के लिए 48 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। पहले यह परियोजना सेक्टर-10 में प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी व्यावहारिकता और बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं को देखते हुए अब इसे सेक्टर-28 में स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि इस बदलाव के कारण जमीन की कीमत में लगभग 75 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि हुई है, परंतु राज्य सरकार ने उद्योग को प्रोत्साहन देने की नीति अपनाते हुए इस अतिरिक्त भार का 75 प्रतिशत खुद वहन करने का निर्णय लिया है। इतना ही नहीं, कंपनी को स्टांप शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट भी दी जाएगी, जबकि केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सेमीकंडक्टर उत्पादन प्रोत्साहन योजना का लाभ भी अलग से मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को तेजी से आगे बढ़ाने का स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बाद YEIDA ने आवंटन प्रक्रिया में तेजी लाई है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान भी प्रधानमंत्री ने इस परियोजना का विशेष उल्लेख किया था और कहा था कि देश को इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल उपकरण निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह एक निर्णायक कदम होगा। उम्मीद है कि कंपनी को इस सप्ताह आधिकारिक अलॉटमेंट लेटर जारी कर दिया जाएगा और एयरपोर्ट लोकार्पण समारोह के दौरान शिलान्यास किया जाएगा, जिससे परियोजना को औपचारिक रूप से शुरुआत मिल जाएगी।
यह सेमीकंडक्टर प्लांट लगभग 3700 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जाएगा और इसका लक्ष्य वर्ष 2027 से उत्पादन प्रारंभ करना है। संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 20,000 वेफर्स तैयार किए जाएंगे, जिनका उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी, कंप्यूटर प्रोसेसर, मॉनिटर डिस्प्ले और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में किया जाएगा। वर्तमान में भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण की क्षमता सीमित है, ऐसे में यह प्लांट देश की तकनीकी स्वावलंबन यात्रा को गति देने वाले महत्वपूर्ण आधार स्तंभों में से एक माना जा रहा है।
प्राधिकरण का कहना है कि सेक्टर-28 स्थित 48 एकड़ भूमि की कीमत लगभग 292 करोड़ रुपये है, जबकि सेक्टर-10 में यही जमीन 167 करोड़ रुपये में उपलब्ध थी। कीमत बढ़ने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना का समर्थन करते हुए उद्योग विकास और रोजगार सृजन की दृष्टि से इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब इसके क्रियान्वयन में कोई प्रशासनिक बाधा नहीं रह गई है। अनुमान है कि प्लांट से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे और पूरे यमुना सिटी क्षेत्र में नई औद्योगिक गतिविधियाँ शुरू होंगी।
औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के टेक्नॉलॉजी सेक्टर को नया आयाम देगी और भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति प्रदान करेगी।
