Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में लैंड बैंक योजना अटकी, किसानों की मुआवजा बढ़ाने की मांग से रफ्तार थमी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में आठ नए औद्योगिक सेक्टरों में लगभग 900 हेक्टेयर का लैंड बैंक तैयार करने की योजना फिलहाल ठहराव में है। प्राधिकरण ने किसानों से सहमति के आधार पर अब तक करीब 550 हेक्टेयर जमीन ही खरीदी है, जबकि बाकी किसान मुआवजा बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। यह मामला वर्तमान में शासन स्तर पर विचाराधीन है, जिससे परियोजना की रफ्तार थमी हुई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, इकोटेक-7, 8, 9, 12A, 16, 19, 19A और 21 सेक्टरों में उद्योगों के लिए भूमि की अत्यधिक आवश्यकता है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यहां निवेश के लिए इच्छुक हैं। सोलर कंपनी अवाडा को पहले ही इकोटेक-16 सेक्टर में 50 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के चलते ग्रेटर नोएडा निवेशकों का नया केंद्र बनता जा रहा है, जिसके कारण प्राधिकरण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करना चाहता है।
हालांकि, किसानों की ओर से मौजूदा मुआवजा दर ₹4,125 प्रति वर्ग मीटर को कम बताया जा रहा है। वे पिछले कई वर्षों से मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पौवारी, इमलियाका, अटाई मुरादपुर, लुक्सर, दादूपुर, लडपुरा, खानपुर, सिरसा, वैदपुरा, जान समाना, सुनपुरा, भोला रावल, धूममानिकपुर, खेड़ी, आमका, किराचपुर उर्फ कैलाशपुर, खोदना कलां, भनौता और खोदना खुर्द जैसे गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
प्राधिकरण ने किसानों को सहमति आधारित अधिग्रहण के लिए मनाने हेतु गांवों में विशेष शिविरों का आयोजन किया है। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मुआवजा दर नहीं बढ़ाई जाती, वे अपनी भूमि नहीं बेचेंगे।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि लैंड बैंक योजना की रफ्तार को गति देने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है, और उम्मीद है कि मुआवजा दर बढ़ने के बाद भूमि क्रय में तेजी आएगी।
ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा— “आठ औद्योगिक सेक्टरों में लगभग 900 हेक्टेयर का लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। मुआवजा कम होने के कारण जमीन की खरीद में दिक्कत आ रही है। मुआवजा बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है, जिसके बाद खरीद प्रक्रिया तेज होगी।”





