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2026 Vivah Muhurat: नए साल में कब-कब बजेगी शहनाई? 2026 में विवाह के 55 शुभ दिन, जानिए पूरे साल का वैवाहिक कैलेंडर

2026 Vivah Muhurat: नए साल में कब-कब बजेगी शहनाई? 2026 में विवाह के 55 शुभ दिन, जानिए पूरे साल का वैवाहिक कैलेंडर
नोएडा। नववर्ष 2026 शादी-विवाह के लिहाज से खास रहने वाला है। नए साल में कुल 55 दिन ऐसे रहेंगे, जब शुभ मुहूर्त में शहनाई बजेगी और मांगलिक कार्यक्रम संपन्न होंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चार फरवरी 2026 से विवाह के शुभ मुहूर्तों की शुरुआत होगी। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन स्थित पीपल महादेव मंदिर के पंडित रामदरश तिवारी और सेक्टर बीटा वन स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी अशोक कुमार ने बताया कि जनवरी महीने में शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण एक भी विवाह मुहूर्त नहीं है, लेकिन इसके बाद सालभर शादी के कई शुभ अवसर मिलेंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार फरवरी में 5 दिन, मार्च में 4 दिन, अप्रैल में 6 दिन और मई में 7 दिन विवाह के लिए शुभ माने गए हैं। जून माह सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाला है, जिसमें 8 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। जुलाई में 7 दिन विवाह योग बन रहा है, जबकि सितंबर में केवल एक दिन ही विवाह संभव होगा। नवंबर 2026 सबसे खास महीना रहेगा, जिसमें कुल 11 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। दिसंबर में भी 6 दिन ऐसे रहेंगे, जब मांगलिक कार्यक्रम किए जा सकेंगे।
हालांकि अगस्त और अक्टूबर में चातुर्मास काल के कारण विवाह और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। इस अवधि में भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने की धार्मिक मान्यता के चलते शुभ कार्य नहीं किए जाते। इसी कारण इन दोनों महीनों में शादी के कोई मुहूर्त नहीं हैं।
वर्ष 2026 में खगोलीय दृष्टि से भी कई अहम घटनाएं होंगी। इस साल कुल चार ग्रहण पड़ेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को और दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। वहीं चंद्र ग्रहण 3 मार्च और 28 अगस्त को होगा। हालांकि इन चार ग्रहणों में से भारत में केवल 3 मार्च को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण ही दिखाई देगा, बाकी तीन ग्रहण भारत में प्रभावी नहीं रहेंगे।
नववर्ष 2026 की शुरुआत भी धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ मानी जा रही है। एक जनवरी को प्रदोष व्रत पड़ रहा है और दिन गुरुवार होने के कारण गुरु प्रदोष का दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की संयुक्त आराधना से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह योग सुबह से शाम 5 बजकर 11 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद शाम 5 बजकर 12 मिनट से शुक्ल योग प्रारंभ होगा, जिसे नए कार्य, निवेश और शुभ आरंभ के लिए अनुकूल माना जाता है।
कुल मिलाकर वर्ष 2026 धार्मिक, ज्योतिषीय और वैवाहिक दृष्टि से खास रहने वाला है। जिन परिवारों में शादी की तैयारियां चल रही हैं, उनके लिए यह साल कई शुभ अवसर लेकर आएगा।

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