ICGS Sankalp: भारत का ‘संकल्प’ मॉरीशस पहुंचा, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग को मिलेगी नई मजबूती

ICGS Sankalp: भारत का ‘संकल्प’ मॉरीशस पहुंचा, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग को मिलेगी नई मजबूती

नई दिल्ली, 18 जनवरी। भारतीय तटरक्षक बल का अत्याधुनिक ऑफशोर पेट्रोल वेसल ‘संकल्प’ अपनी ओवरसीज डिप्लॉयमेंट के तहत शनिवार को मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुईस पहुंचा। यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री सहयोग, आपसी तालमेल और द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस पोर्ट कॉल के जरिए दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, संरक्षा और परिचालन समन्वय को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इस तैनाती के माध्यम से भारत की सागर नीति, यानी ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’, को भी मजबूती मिलती है। इस नीति का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित, स्थिर और सहयोगात्मक समुद्री वातावरण तैयार करना है, ताकि समुद्री मार्गों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ाया जा सके। ‘संकल्प’ की यह यात्रा भारत की क्षेत्रीय नेतृत्व भूमिका और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

आईसीजीएस संकल्प पर दो महिला अधिकारियों की तैनाती भारतीय तटरक्षक बल में बढ़ते लैंगिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। यह पहल न केवल सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी को रेखांकित करती है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनती है। पोर्ट कॉल के दौरान भारतीय तटरक्षक बल और मॉरीशस के नेशनल कोस्ट गार्ड तथा अन्य समुद्री एजेंसियों के बीच पेशेवर संवाद और सहयोगात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इस दौरान समुद्र और बंदरगाह अभ्यास, तेल प्रदूषण नियंत्रण, अग्निशमन, एनबीसीडी अभ्यास, वीबीसीस प्रशिक्षण, नेविगेशन और मशीनरी कंट्रोल रूम समन्वय ड्रिल जैसे महत्वपूर्ण अभ्यास शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य आपसी क्षमताओं को बढ़ाना, साझा चुनौतियों से निपटने की तैयारी को मजबूत करना और वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर तालमेल विकसित करना है। इसके अलावा खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक सेवा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क और विश्वास और गहरा होगा।

यह यात्रा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करती है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘संकल्प’ भारत की समुद्री इंजीनियरिंग और रक्षा उत्पादन क्षमता का उदाहरण है। मॉरीशस दौरे के बाद आईसीजीएस संकल्प सेशेल्स के लिए रवाना होगा, जहां इसी तरह की गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्रीय समुद्री साझेदारियों को और सुदृढ़ किया जाएगा। इस पूरी तैनाती को हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग, सुरक्षा और साझा समृद्धि की दिशा में भारत की निरंतर पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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