AIIMS Delhi Ranking: QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में एम्स दिल्ली का परचम, दुनिया के शीर्ष संस्थानों में बनाई जगह

AIIMS Delhi Ranking: QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में एम्स दिल्ली का परचम, दुनिया के शीर्ष संस्थानों में बनाई जगह

नई दिल्ली। देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में शामिल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में एम्स दिल्ली को 105वां स्थान प्राप्त हुआ है, जिससे संस्थान ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ किया है। इस उपलब्धि के साथ एम्स दुनिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है।

एम्स दिल्ली ने इस सफलता का श्रेय उत्कृष्ट रोगी देखभाल, उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा, अत्याधुनिक शोध और नवाचार को दिया है। संस्थान का कहना है कि वर्षों से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने, मेडिकल छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने के कारण उसे यह वैश्विक पहचान हासिल हुई है।

संस्थान के अनुसार, बेसिक रिसर्च, क्लीनिकल रिसर्च और ट्रांसलेशनल रिसर्च के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने न केवल चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा दी है, बल्कि देश के कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को भी मजबूती प्रदान की है। एम्स के वैज्ञानिक और चिकित्सक लगातार नई बीमारियों, उपचार पद्धतियों और स्वास्थ्य चुनौतियों पर शोध कर रहे हैं, जिसका लाभ देशभर के मरीजों को मिल रहा है।

एम्स दिल्ली ने हाल के वर्षों में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी विशेष जोर दिया है। संस्थान द्वारा विभिन्न रोगों की पहचान और उपचार के लिए नई डायग्नोस्टिक किट विकसित की गई हैं। इसके अलावा उन्नत जांच तकनीकों और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी लगातार काम किया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार हुआ है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीकों के उपयोग के क्षेत्र में भी एम्स ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। चिकित्सा अनुसंधान, रोगों के निदान, मरीजों की निगरानी और स्वास्थ्य प्रबंधन में एआई आधारित तकनीकों का उपयोग बढ़ाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक और एआई की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और एम्स इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

संस्थान ने सुशासन और प्रशासनिक सुधारों को भी अपनी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया है। बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रक्रियाओं ने संस्थान की कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी कारण एम्स न केवल चिकित्सा शिक्षा और उपचार के क्षेत्र में बल्कि प्रशासनिक नवाचार के क्षेत्र में भी एक मॉडल संस्थान के रूप में उभरा है।

एम्स दिल्ली का कहना है कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि संस्थान से जुड़े चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं, छात्रों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। सभी ने मिलकर चिकित्सा सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतर कार्य किया है।

संस्थान ने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि वह भविष्य में भी चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। एम्स का लक्ष्य केवल भारत में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है।

 

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