Swadeshi Cow Scheme: स्वदेशी गाय पालन को बढ़ावा: दो गाय खरीदने पर मिलेगा 80 हजार रुपये तक का अनुदान
Swadeshi Cow Scheme: स्वदेशी गाय पालन को बढ़ावा: दो गाय खरीदने पर मिलेगा 80 हजार रुपये तक का अनुदान
नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने और स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के तहत पशुपालकों को स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदने पर 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही अधिक दूध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को विशेष प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अरुण कुमार सचान ने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों का संरक्षण, संवर्धन और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजना के तहत पात्र पशुपालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग पशुपालन व्यवसाय से जुड़ सकें।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक पशुपालकों को विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर 10 जुलाई तक आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाएगा और उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
योजना के अंतर्गत स्वदेशी नस्ल की दो गाय खरीदने पर अधिकतम 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इससे पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे आधुनिक तरीके से डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और किसानों की आय में सुधार होगा।
इसके अलावा, बेहतर दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार व्यवस्था भी लागू की गई है। अधिक दूध देने वाली गायों के पशुपालकों को 10 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इससे पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों के पालन और बेहतर देखभाल के लिए प्रेरणा मिलेगी।
पशुपालन विभाग का मानना है कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना न केवल दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि स्वदेशी गायों की संख्या बढ़ाने और उनके संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आधार प्राप्त होगा।
विभाग ने पात्र पशुपालकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने पशुपालन व्यवसाय को और अधिक सशक्त बना सकें।