Noida: नोएडा में PPP मॉडल पर बनेंगे 24 इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन, 15 जून तक 100 सिटी बसें सड़कों पर उतरेंगी
Noida: नोएडा में PPP मॉडल पर बनेंगे 24 इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन, 15 जून तक 100 सिटी बसें सड़कों पर उतरेंगी
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सिटी बस सेवा शुरू करने की तैयारियों के बीच नोएडा प्राधिकरण ने इलेक्ट्रिक बसों के लिए 24 चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इन चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा, जिससे प्राधिकरण पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक आरपी सिंह के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को सुचारू बनाने के लिए सेक्टर-90 बस डिपो और बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए निजी कंपनियों का चयन किया जाएगा, जो चार्जिंग स्टेशन लगाने के साथ-साथ उनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेंगी। प्राधिकरण को इस परियोजना पर सीधे तौर पर कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।
योजना के तहत सेक्टर-90 स्थित डिपो में 20 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जहां एक समय में 40 इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज किया जा सकेगा। वहीं बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर 4 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां एक साथ 8 बसें चार्ज हो सकेंगी। अधिकारियों के अनुसार, एक चार्जिंग स्टेशन पर दो बसों को चार्ज किया जा सकता है और एक बस को पूरी तरह चार्ज होने में लगभग दो घंटे का समय लगेगा। बसों की चार्जिंग मुख्य रूप से रात और दोपहर के समय की जाएगी, ताकि संचालन प्रभावित न हो।
प्राधिकरण ने यह भी बताया कि जिस कंपनी को चार्जिंग स्टेशन का काम मिलेगा, वही शहर के 20 अलग-अलग क्लस्टरों में इलेक्ट्रिक कारों के लिए भी चार्जिंग स्टेशन विकसित करेगी। इन स्टेशनों पर शुल्क निर्धारण का अधिकार कंपनी के पास होगा। साथ ही कंपनियों को विज्ञापन अधिकार भी दिए जा सकते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा हाल ही में की गई समीक्षा बैठक के बाद इस परियोजना में तेजी लाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से कुल 500 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। पहले चरण में 100 बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी की जा रही है और मांग बढ़ने के साथ बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले बस नेटवर्क को एयरपोर्ट तक विस्तारित करने की योजना भी बनाई गई है। इसके लिए आवश्यक परिवहन अवसंरचना और चार्जिंग सुविधाओं का विकास तेज गति से किया जा रहा है।
पहले चरण में लगभग 100 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें 10 डबल डेकर बसें भी शामिल होंगी। डबल डेकर बसों का संचालन बॉटेनिकल गार्डन से परी चौक के बीच किया जाएगा। इसके अलावा 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई वाली आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें भी चलाई जाएंगी। बसों का संचालन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) के माध्यम से किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसें 15-15 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 5 बसों को स्टैंडबाय रखा जाएगा, ताकि किसी तकनीकी समस्या या अतिरिक्त मांग की स्थिति में सेवा प्रभावित न हो। अधिकारियों का अनुमान है कि इस नई बस सेवा से प्रतिदिन करीब 2 लाख लोगों को लाभ मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी।