Monika Nagar Murder Case: मोनिका नागर हत्याकांड की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, नए सिरे से होगी पड़ताल
Monika Nagar Murder Case: मोनिका नागर हत्याकांड की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, नए सिरे से होगी पड़ताल
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के चर्चित मोनिका नागर हत्याकांड की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। मामले की गंभीरता और जांच में लापरवाही के आरोपों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत दादरी कोतवाली पुलिस से जांच वापस लेकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है, जो अब पूरे मामले की शुरुआत से नए सिरे से जांच करेगी।
जानकारी के अनुसार, जांच में कथित लापरवाही सामने आने के बाद एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) को निलंबित भी किया गया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए नई टीम गठित करने का निर्णय लिया।
अब एसीपी ग्रेटर नोएडा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की दोबारा जांच करेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में मृतका के पति अनुज चौहान और उसके परिवार के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ और गंभीर धाराएं जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।
मामले के दौरान एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें मोनिका नागर फंदा लगाती हुई दिखाई दे रही हैं। हालांकि मृतका के परिजनों ने इस वीडियो को पुराना और अधूरा बताते हुए इसे हत्या को आत्महत्या साबित करने की साजिश करार दिया है। परिजनों का आरोप है कि सच्चाई को छिपाने के उद्देश्य से वीडियो को जानबूझकर प्रसारित किया गया। अब क्राइम ब्रांच इस वीडियो की फोरेंसिक जांच कराएगी, जिससे यह स्पष्ट किया जा सके कि वीडियो घटना वाले दिन का है या किसी अन्य समय का।
मोनिका नागर मूल रूप से दुजाना गांव की रहने वाली थीं। पिता के निधन के बाद वह अपनी मां रेनू नागर के साथ बरौला गांव में रह रही थीं। उन्होंने परिवार की इच्छा के विरुद्ध घोड़ी बछेड़ा गांव निवासी अनुज चौहान से कोर्ट मैरिज की थी। बताया जा रहा है कि मोनिका के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति भी थी।
गौरतलब है कि 7 मई 2026 को मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से उनके शव को जंगल में ले जाकर जलाने का प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाकर शव को कब्जे में लिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर बिसरा सुरक्षित रखकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था।
इस मामले में पुलिस पहले ही 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है। पति अनुज चौहान समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच के हाथों में आने के बाद पीड़ित परिवार और क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि मोनिका नागर की मौत के पीछे की वास्तविक वजह जल्द सामने आ सकेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष, वैज्ञानिक और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।