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Noida Crime: मोबाइल टावर उपकरण चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

Noida Crime: मोबाइल टावर उपकरण चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

नोएडा में मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। सेक्टर-113 थाना पुलिस और क्राइम रिस्पांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले करीब दो वर्षों से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल टावरों से चोरी की गई दो आरआरयू मशीनें, दो चाकू और एक बाइक बरामद की है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे और लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचते आ रहे थे।

एसीपी राकेश प्रताप सिंह के अनुसार, शनिवार को सेक्टर-113 थाना पुलिस की टीम सेक्टर-122 कट के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दो युवक संदिग्ध हालत में नजर आए, जिन्हें रोककर पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उनके पास से मोबाइल टावरों से चोरी की गई आरआरयू मशीनें बरामद हुईं, जिससे उनके अपराध का खुलासा हुआ।

पुलिस ने जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की, तो चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरोहा निवासी 24 वर्षीय इमरान और गाजियाबाद के निवाड़ी निवासी 21 वर्षीय दीपांशु के रूप में हुई है। दोनों ने कबूल किया कि वे पिछले दो साल से मोबाइल टावरों को निशाना बनाकर महंगे उपकरण चोरी कर रहे थे।

आरोपियों ने बताया कि वे सुनसान इलाकों, ग्रीन बेल्ट और कम सुरक्षा वाले स्थानों पर लगे मोबाइल टावरों को टारगेट करते थे। खासतौर पर ऐसे टावर चुने जाते थे, जहां निगरानी कमजोर होती या कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं होता। दोनों आरोपी रात के समय या कम आवाजाही के दौरान टावरों पर चढ़कर आरआरयू जैसे महंगे उपकरण निकाल लेते थे।

चोरी के बाद ये उपकरण दिल्ली के कबाड़ी बाजार में बेच दिए जाते थे, जहां इन्हें अच्छे दाम मिल जाते थे। पुलिस के मुताबिक, बरामद की गई दोनों आरआरयू मशीनें भी आरोपियों ने दो से तीन दिन पहले अलग-अलग स्थानों से चोरी की थीं और उन्हें बेचने के लिए ले जाया जा रहा था, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से चाकू भी बरामद हुए, जिससे यह साफ हो गया कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हथियार साथ रखते थे। इससे उनकी आपराधिक मानसिकता और खतरनाक इरादों का भी खुलासा हुआ है।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जो इस गिरोह का हिस्सा हैं और फिलहाल फरार हैं। पुलिस अब उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर लिया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से मोबाइल टावरों पर हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को भी सतर्क रहने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर में तकनीकी ढांचे की सुरक्षा को लेकर और अधिक सख्ती की जरूरत है। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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