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Noida:जिला कारागार का निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं और विधिक सहायता व्यवस्था का लिया जायजा

Noida:जिला कारागार का निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं और विधिक सहायता व्यवस्था का लिया जायजा

नोएडा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत ने शनिवार को जिला कारागार का मासिक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, विधिक सहायता व्यवस्था और बंदियों की समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों, चिकित्सालय और भोजन व्यवस्था का अवलोकन किया तथा बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान सचिव शिवानी रावत ने बंदियों से उनके मुकदमों की प्रगति, न्यायिक प्रक्रिया और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता के संबंध में बातचीत की। उन्होंने यह भी जाना कि जिन बंदियों को कानूनी सहायता की आवश्यकता है, उन्हें समय पर सहायता मिल रही है या नहीं। इस दौरान संबंधित अभिलेखों, मुकदमा कार्डों और अन्य रिकॉर्ड की भी विस्तार से जांच की गई।

सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी अभिलेखों और मुकदमों से संबंधित रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए, ताकि किसी भी बंदी के मामले की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके और न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

जेल अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने निरीक्षण के दौरान जानकारी दी कि वर्तमान में जिला कारागार में कुल 2417 बंदी निरुद्ध हैं। उन्होंने कारागार में उपलब्ध सुविधाओं और प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रबंधन संबंधी कार्यों की भी जानकारी सचिव को दी।

निरीक्षण के क्रम में शिवानी रावत ने कारागार चिकित्सालय का भी दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बंदियों से स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। बंदियों से बातचीत कर उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं समय पर मिल रही हैं।

इसके अतिरिक्त सचिव ने कारागार में तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। भोजन की व्यवस्था को संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने जेल प्रशासन की सराहना की, हालांकि स्वच्छता और साफ-सफाई के स्तर को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अधिकारियों ने बंदियों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं के प्रति जागरूक भी किया।

निरीक्षण के अंत में सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा स्वास्थ्य, स्वच्छता और विधिक सहायता से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

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