Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में सीवरेज प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती, दो नए एसटीपी के निर्माण की तैयारी तेज
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में सीवरेज प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती, दो नए एसटीपी के निर्माण की तैयारी तेज
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बढ़ती आबादी, आवासीय परियोजनाओं और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए सीवरेज प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर में सीवरेज शोधित करने की क्षमता बढ़ाने के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया जारी कर दी गई है और आने वाले महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा ईस्ट क्षेत्र में 80 एमएलडी और 12 एमएलडी क्षमता के दो नए एसटीपी बनाए जाएंगे। इन संयंत्रों के निर्माण के बाद शहर में घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले सीवरेज के वैज्ञानिक निस्तारण और शोधन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
80 एमएलडी क्षमता वाला आधुनिक एसटीपी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर नॉलेज पार्क-5 के समीप सेक्टर रिक्रिएशनल ग्रीन-6 में स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 269.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के तहत चयनित कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य के साथ-साथ अगले 10 वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
इसके अलावा 12 एमएलडी क्षमता का दूसरा एसटीपी सेक्टर आईटी सिटी में विकसित किया जाएगा। यह संयंत्र आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती सीवरेज आवश्यकता को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दोनों परियोजनाओं से आवासीय सेक्टरों, औद्योगिक इकाइयों और आसपास के गांवों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे सीवरेज प्रबंधन अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो सकेगा।
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव ने बताया कि शोधित जल का उपयोग शहर के पार्कों, हरित क्षेत्रों और पौधों की सिंचाई में किया जा रहा है। इसके लिए अलग पाइपलाइन नेटवर्क भी विकसित किया जा रहा है, ताकि शुद्ध किए गए पानी का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और भूजल संसाधनों पर दबाव कम हो।
ग्रेटर नोएडा में वर्तमान में बादलपुर, कासना, ईकोटेक-2 और ईकोटेक-3 क्षेत्रों में चार एसटीपी संचालित हैं। इनमें कासना का 137 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी सबसे बड़ा है। इसके अतिरिक्त ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-1 में 45 एमएलडी क्षमता का एक नया एसटीपी भी निर्माणाधीन है, जिसके इस वर्ष के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। इस परियोजना का करीब 70 प्रतिशत सिविल कार्य और 20 प्रतिशत मशीनरी स्थापना कार्य पूरा हो चुका है।
प्राधिकरण का लक्ष्य शहर और अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों के 100 प्रतिशत सीवरेज का शोधन सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से गांवों को सीवर नेटवर्क से जोड़ने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नए एसटीपी के निर्माण से न केवल प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी बल्कि शोधित जल के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।



