Noida Cyber Crime: पीएमईजीपी लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी, अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार
Noida Cyber Crime: पीएमईजीपी लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी, अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार
नोएडा पुलिस ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत सब्सिडी लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन चलाकर बेरोजगार युवाओं और लोन लेने के इच्छुक लोगों को निशाना बनाते थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खुद को सरकारी योजना से जुड़ा बताकर लोगों को आसान और कम ब्याज पर सब्सिडी लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, फाइल प्रोसेसिंग, जीएसटी और अन्य शुल्क के नाम पर लोगों से रकम वसूल लेते थे। कई राज्यों के लोग इस गिरोह का शिकार हुए हैं और शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा Shailendra Singh ने बताया कि थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल की टीम को लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कृष्णा काउंटी टॉवर-ए, सेक्टर-1 की छत पर चल रहे फर्जी कॉलिंग सेंटर पर छापा मारकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मराज राठौर, रवि कुमार, किशन राठौर, अक्षय, किरण नायर और किरण बाबू राठौर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 18 की-पैड मोबाइल फोन, छह स्मार्ट फोन और 15 रजिस्टर बरामद किए हैं, जिनमें कॉलिंग डाटा और पीड़ितों की जानकारी दर्ज मिली है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन डालते थे, जिनमें सरकारी सब्सिडी लोन जल्दी मंजूर कराने का दावा किया जाता था। विज्ञापन देखने के बाद जब लोग संपर्क करते थे तो उन्हें विश्वास में लेकर प्रोसेसिंग फीस जमा कराने के लिए कहा जाता था। पैसा जमा होने के बाद आरोपी नंबर बंद कर देते थे या बहाने बनाकर और रकम मांगते थे।
पुलिस का कहना है कि गिरोह काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी अलग-अलग राज्यों के लोगों को टारगेट करते थे और फर्जी दस्तावेजों व मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाते थे। बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि ठगी से जुड़े अन्य नेटवर्क और पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके।
नोएडा पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा और कुल कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी योजनाओं और लोन से जुड़े किसी भी विज्ञापन पर आंख बंद कर भरोसा न करें और किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले पूरी जानकारी की जांच जरूर करें।

