
क्षेत्र में लगातार चल रही तेज हवाओं के कारण आम के बागों में कच्चे आम जमीन पर बिखर गए हैं। किसानों का कहना है कि इस वर्ष आम की फसल पहले से ही कमजोर थी, वहीं पिछले तीन दिनों की आंधी और बारिश ने रही-सही उम्मीद भी खत्म कर दी। फलों के समय से पहले झड़ जाने से उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा है।
जनपद के प्रमुख आम उत्पादकों में शामिल केदारनाथ त्यागी तथा पद्मश्री से सम्मानित भारत भूषण त्यागी ने भी फसल को हुए नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आम की खेती में किसानों को पूरे साल मेहनत करनी पड़ती है और सिंचाई, दवाइयों तथा मजदूरी पर भारी खर्च करना होता है। ऐसे में फसल तैयार होने से पहले प्राकृतिक आपदा आने से किसानों को बड़ा झटका लगा है।
आम उत्पादकों का कहना है कि मौसम की मार से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर राहत दिलाने की मांग की है।
जिला उद्यान अधिकारी दिनेश कुमार अरुण ने बताया कि फल पट्टी क्षेत्र में आंधी-तूफान के कारण आम उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ है और विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


