Youth Self Employment Scheme: उद्योग लगाने के लिए युवाओं को मिलेगी 25 लाख रुपये तक की मदद, सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख तक की परियोजना पर सहायता
नोएडा। गौतमबुद्धनगर जिले के युवाओं को अपना कारोबार और उद्योग शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू योजना के तहत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सहायता का प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने में वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है।
उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू की गई है। इसके माध्यम से जिले के पात्र युवाओं को उद्योग और सेवा क्षेत्र में अपना उद्यम शुरू करने के लिए सहायता दी जाएगी।
योजना के तहत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत निर्धारित की गई है। वहीं सेवा क्षेत्र में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर योजना का लाभ लिया जा सकेगा। पात्र परियोजनाओं पर 25 फीसदी तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को भी परियोजना लागत का निर्धारित हिस्सा स्वयं लगाना होगा। सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के लिए परियोजना लागत का 10 फीसदी अंशदान निर्धारित किया गया है।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के आवेदकों के लिए अंशदान की सीमा पांच फीसदी रखी गई है। महिलाओं और दिव्यांगजनों को भी परियोजना लागत का पांच फीसदी अंशदान देना होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का गौतमबुद्धनगर जिले का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
शैक्षिक योग्यता के रूप में आवेदक का कम से कम हाईस्कूल या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले युवा उद्योग या सेवा क्षेत्र से जुड़ी अपनी परियोजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना की एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक ने इससे पहले किसी दूसरी स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं लिया हो। पात्रता की जांच के दौरान आवेदक से संबंधित दस्तावेजों और पूर्व में प्राप्त सरकारी सहायता की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। आर्थिक सहायता मिलने से पात्र युवा अपनी व्यावसायिक योजना को उद्यम के रूप में स्थापित कर सकेंगे।
उद्योग क्षेत्र में अधिकतम 25 लाख रुपये की परियोजना लागत का प्रावधान होने से उत्पादन और विनिर्माण से जुड़े उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को अवसर मिलेगा। वहीं सेवा क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं को योजना के दायरे में रखा गया है।
इच्छुक अभ्यर्थी योजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित एमएसएमई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय पात्रता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और परियोजना का विवरण उपलब्ध कराना होगा।
योजना के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी सूरजपुर स्थित जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं। यहां पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और परियोजना से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला उद्योग विभाग ने पात्र युवाओं से योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है। वित्तीय सहायता और कम व्यक्तिगत अंशदान के माध्यम से युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने में मदद मिलने के साथ जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।


