Youth Power: युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत, करियर के साथ समाज और देश के प्रति दायित्व भी समझें विद्यार्थी- अनिल
नोएडा। आईटीएस कॉलेज में सोमवार को राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय प्रचारक अनिल ने विद्यार्थियों से राष्ट्र, समाज और देश के विकास में युवा शक्ति की भूमिका को लेकर विस्तार से संवाद किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है और भारत के भविष्य को मजबूत बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अनिल ने कहा कि देश के युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होना आवश्यक है। युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी करें।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने जीवन के लक्ष्य को केवल करियर और रोजगार तक सीमित न रखें। प्रत्येक युवा को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को केवल रोजगार के लिए तैयार करने का माध्यम नहीं है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ज्ञान प्राप्त करने के साथ अच्छे चरित्र का निर्माण करना और व्यक्ति के भीतर समाज तथा राष्ट्रहित की भावना विकसित करना भी है।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन के महत्व के बारे में भी बताया गया। अनिल ने कहा कि जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिभा और मेहनत के साथ अनुशासन आवश्यक है। अनुशासित युवा अपनी क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल कर सकता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने सकारात्मक सोच को भी युवाओं के व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका कहना था कि चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों के बीच सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने से युवा अपने लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सकते हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि देश का विकास केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि नागरिकों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी भी इसमें महत्वपूर्ण है।
सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और उनके समाधान में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं से समाज में सहयोग, सेवा और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान युवा नेतृत्व पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होने से वे समाज और देश से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने के साथ उनके समाधान में योगदान दे सकते हैं।
विशेष संवाद कार्यक्रम को केवल संबोधन तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों को भी अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अवसर दिया गया। छात्र-छात्राओं ने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व, युवा नेतृत्व और देश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल किए।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के महत्व पर चर्चा की। इस दौरान युवाओं की शिक्षा, सोच, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी को देश के भविष्य से जोड़कर देखा गया।
अनिल ने कहा कि भारत के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता पहचानने के साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी होगी। व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज के हित के लिए किए गए प्रयास ही व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं।
आईटीएस कॉलेज में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को शिक्षा, चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रहित को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।


