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World Book Fair 2026: साहित्य का महाकुंभ आज से शुरू, Gen Z से लेकर हर उम्र के पाठक लगाएंगे ज्ञान की डुबकी

World Book Fair 2026: साहित्य का महाकुंभ आज से शुरू, Gen Z से लेकर हर उम्र के पाठक लगाएंगे ज्ञान की डुबकी

नई दिल्ली। पुस्तकों और ज्ञान के प्रेमियों के लिए बड़ी सौगात के रूप में विश्व पुस्तक मेला 2026 की शुरुआत आज 10 जनवरी से नई दिल्ली के प्रगति मैदान में हो गई है। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित आयोजन 18 जनवरी 2026 तक चलेगा। हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश के हजारों प्रकाशक, लेखक, विद्वान और पाठक इस साहित्यिक महाकुंभ में शामिल हो रहे हैं, जिससे राजधानी एक बार फिर किताबों और विचारों का केंद्र बन गई है।

विश्व पुस्तक मेले में हिंदी, अंग्रेजी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की लाखों किताबें किफायती दरों पर उपलब्ध कराई गई हैं। साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, बच्चों की किताबें और डिजिटल पब्लिशिंग से जुड़ी सामग्री पाठकों को खासा आकर्षित कर रही है। खासतौर पर Gen Z और युवा पाठकों के लिए नए विषयों, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और करियर गाइडेंस से जुड़ी पुस्तकों की भरमार देखने को मिल रही है।

मेले में बच्चों के लिए विशेष बाल मंडप तैयार किया गया है, जहां कहानी सत्र, चित्रकला, लेखन और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इससे बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उन्हें किताबों के करीब लाने का प्रयास किया गया है। पहले दिन भारतीय सेना को समर्पित कार्यक्रम के तहत दोपहर तीन बजे ‘सैनिक पत्नियों की कथा और व्यथा’ पुस्तक का लोकार्पण और परिचर्चा आयोजित की गई, जिसने पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया।

आयोजकों के अनुसार, मेले के दौरान साहित्यिक गोष्ठियां, पुस्तक विमोचन, लेखक संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिनमें देश के जाने-माने लेखक, विचारक और बुद्धिजीवी भाग लेंगे। इस बार ज्ञान के अधिकतम प्रसार के उद्देश्य से मेले में निशुल्क प्रवेश की सुविधा भी दी गई है, ताकि हर वर्ग के लोग आसानी से इस आयोजन में शामिल हो सकें।

विश्व पुस्तक मेला 2026 न केवल पुस्तकों की खरीद-फरोख्त का मंच है, बल्कि यह विचारों के आदान-प्रदान, संवाद और बौद्धिक विकास का भी बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। आयोजकों का मानना है कि यह मेला पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करेगा और युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ते हुए समाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।

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