Vehicle Theft Gang: दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, तीन रिसीवर समेत आठ गिरफ्तार

Vehicle Theft Gang: दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, तीन रिसीवर समेत आठ गिरफ्तार
रिपोर्ट: तीर्थांकर सरकार
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के 10 वाहन बरामद किए हैं, जिनमें एक मोटरसाइकिल और लग्जरी एसयूवी क्रेटा सहित कई चारपहिया वाहन शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से दिल्ली के अलग-अलग थानों में दर्ज वाहन चोरी के 10 मामलों का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरोह चोरी किए गए वाहनों को दूसरे राज्यों में खपाने का काम करता था। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और अन्य खुफिया जानकारियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
मामले की जांच के लिए एसीपी ऑपरेशन की निगरानी में इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की टीम गठित की गई थी। टीम ने लगातार निगरानी और जांच के बाद दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर छापेमारी की और गिरोह के सदस्यों को एक-एक कर गिरफ्तार कर लिया।
दक्षिण-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के वाहनों को बरामद किया गया है। बरामद वाहनों में महंगी और लग्जरी कारें भी शामिल हैं। पुलिस अब इन वाहनों के संबंध में दर्ज पुराने मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन्हें कहां-कहां से चोरी किया गया था।
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का सरगना हाशिम है, जिसके खिलाफ पहले से 63 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आरोपी रियाजुद्दीन पर 11, कुलदीप पर 12, आसिफ पर 13 और सतीश पर 20 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पेशेवर वाहन चोर हैं और लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
पुलिस ने गिरोह से जुड़े तीन रिसीवरों को भी गिरफ्तार किया है। ये रिसीवर चोरी के वाहनों को कम कीमत पर खरीदते थे और बाद में उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने या ठिकाने लगाने का काम करते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क मेरठ और राजस्थान तक फैला हुआ था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी के वाहनों की सप्लाई कई राज्यों तक किए जाने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और इनके साथ कितने अन्य लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
Seelampur Murder Case: दिल्ली के सीलमपुर में चाय पी रहे बुजुर्ग की चाकू से हत्या, आरोपी भी घायल





