UP Textile Policy: योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान, भारत टेक्स-2026 में गूंजा यूपी का विकास मॉडल

UP Textile Policy: योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान, भारत टेक्स-2026 में गूंजा यूपी का विकास मॉडल
लखनऊ, 15 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार की टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति राज्य को देश के प्रमुख वस्त्र उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश पारंपरिक बुनकरी की समृद्ध विरासत को आधुनिक औद्योगिक विकास और वैश्विक बाजार से जोड़ते हुए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5एफ विजन—फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन—को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश सरकार निवेश, रोजगार, नवाचार और निर्यात को नई गति दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 और बुनकर कल्याण योजनाओं ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक टेक्सटाइल मानचित्र पर भी नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सदियों से हथकरघा और पारंपरिक वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 1.91 लाख हथकरघा बुनकर अपनी कला और कौशल के बल पर देश-विदेश में उत्तर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही के कालीन, सीतापुर की दरी तथा मेरठ और बागपत के होम टेक्सटाइल उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। इसके साथ ही राज्य तकनीकी वस्त्र (टेक्निकल टेक्सटाइल) और आधुनिक गारमेंटिंग सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को अनेक आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसमें भूमि लागत पर सहायता, स्टांप शुल्क में छूट, पूंजीगत अनुदान, ब्याज अनुदान और अन्य वित्तीय सुविधाएं शामिल हैं। इन प्रोत्साहनों के कारण प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग में निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है, जिससे नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
राकेश सचान ने कहा कि योगी सरकार केवल उद्योगों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि बुनकरों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए भी लगातार काम कर रही है। प्रदेश के हजारों हथकरघा बुनकरों को बिजली बिल पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। वहीं, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी), वाराणसी के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जाति के बुनकरों के लिए विशेष योजनाएं और मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के माध्यम से आधुनिक मशीनें, तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित होने वाला पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा और गति देगा। इस परियोजना से आधुनिक विनिर्माण, बड़े निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा राज्य सरकार बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों और उद्यमियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी भी सुनिश्चित कर रही है। सरकार स्टॉल, परिवहन, यात्रा और अन्य खर्चों में आर्थिक सहायता देकर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक बुनकरी की विरासत को संरक्षित करना नहीं है, बल्कि उसे आधुनिक तकनीक, वैश्विक मांग और निवेश से जोड़कर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी टेक्सटाइल हब बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में राज्य का वस्त्र उद्योग निवेश, रोजगार और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा तथा उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति में और अधिक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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