Noida: नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, बीमा के नाम पर ठगी करने वाले 13 साइबर ठग गिरफ्तार

Noida: नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, बीमा के नाम पर ठगी करने वाले 13 साइबर ठग गिरफ्तार
नोएडा में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए साइबर क्राइम टीम और थाना-63 पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बीमा पॉलिसी के नाम पर देशभर के 500 से अधिक लोगों से ऑनलाइन ठगी कर चुका था। आरोपी बीमा पॉलिसी रिन्यूअल, बोनस, सरेंडर वैल्यू, मेच्योरिटी राशि और पुराने बीमा पर अतिरिक्त लाभ दिलाने का झांसा देकर पीड़ितों से पैसे ऐंठते थे। खास बात यह है कि यह फर्जी कॉल सेंटर एक वैध लाइसेंस धारक की आड़ में संचालित किया जा रहा था, जिससे लोगों को शक न हो।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले सभी आरोपी पढ़े-लिखे थे और अंग्रेजी भाषा में अच्छी पकड़ रखते थे। इसी वजह से वे खुद को नामी बीमा कंपनियों का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों में छत्रपाल शर्मा एमबीए पास है, सत्यम 12वीं तक पढ़ा है, समीर बीकॉम, राज सलाउद्दीन 12वीं, ईश्वर कर्माली 12वीं, सुहैल बीए, विवेक कुमार 12वीं, सुमित कुमार 12वीं, मोहम्मद आसिफ 12वीं, राजीव कुमार बीएससी, मिथिलेश 12वीं और हरिओम बीए पास है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह डार्क वेब के जरिए उन लोगों का डेटा हासिल करता था, जिनकी बीमा पॉलिसी कोलेप्स हो चुकी होती थी या जिनकी किस्तें समय पर जमा नहीं हो पाई थीं। इसके बाद ये आरोपी ऐसे लोगों को फोन कर खुद को बड़ी बीमा कंपनियों का अधिकारी बताते थे। बातचीत के दौरान उन्हें भरोसे में लेकर उनकी बंद पड़ी पॉलिसी दोबारा चालू कराने, अतिरिक्त बोनस, बेहतर रिटर्न और अन्य फायदे दिलाने का लालच दिया जाता था। इसके बदले में प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाते थे।
जैसे ही पीड़ित पैसे ट्रांसफर करता था, आरोपी या तो फोन काट देते थे या फिर पीड़ित से संपर्क पूरी तरह बंद कर देते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की रकम आरोपियों के निजी बैंक खातों और म्यूल बैंक खातों में मंगवाई जाती थी, ताकि असली लाभार्थी तक पुलिस आसानी से न पहुंच सके। इसके अलावा आरोपी नामी बीमा कंपनियों की फर्जी योजनाओं का प्रचार कर भी लोगों से धनराशि ऐंठते थे।
छानबीन के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से ठगी की पूरी स्क्रिप्ट बरामद हुई है, जिसमें यह लिखा था कि कस्टमर से कैसे बात करनी है, किन शब्दों का इस्तेमाल करना है और किस तरह उन्हें मानसिक रूप से फंसाकर पैसा निकलवाना है। इसी स्क्रिप्ट को पढ़कर आरोपी कॉल करते थे। पुलिस ने इनके पास से 721 कॉलिंग डेटा शीट, 2 लैपटॉप, एयरटेल मॉडेम, 31 मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, कॉल स्क्रिप्ट और बीमा से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देश के अलग-अलग राज्यों में बैठे लोगों को अपना शिकार बना चुका था। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस ठगी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी की कुल रकम कितनी है।
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