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उत्तर प्रदेश, नोएडा: फीस वृद्धि का विवरण न देने पर 76 विद्यालयों पर लगा एक लाख का जुर्माना, सात जांच समितियों का गठन

उत्तर प्रदेश, नोएडा: फीस वृद्धि का विवरण न देने पर 76 विद्यालयों पर लगा एक लाख का जुर्माना, सात जांच समितियों का गठन

अमर सैनी
उत्तर प्रदेश, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को आयोजित की गई। जनपद के कुल 144 विद्यालयों द्वारा इस वर्ष की गई फीस वृद्धि का विवरण प्रस्तुत किया गया, जिसमें तीन विद्यालय अमर पब्लिक स्कूल सेक्टर-37 नोएडा, पारस पब्लिक स्कूल, मिल्क लिच्छी एवं संत किशोरी विद्या मंन्दिर सेक्टर-158 नोएडा द्वारा फीस में अनुमन्य वृद्धि पांच प्रतिशत व सीपीआई से अतिरिक्त फीस की वसूली की गई है।
तीन विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया कि उनके द्वारा अनुमन्य फीस से अतिरिक्त फीस क्यों ली गयी। शेष 76 विद्यालयों जिनके द्वारा इस वर्ष फीस वृद्धि का कोई विवरण जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया, उन विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये का अर्थदंड उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के सुसंगत धाराओं के प्रविधानों के तहत अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही विद्यालय संचालकों को कारण बताओ नोटिस निर्गत कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि जनपद के समस्त विद्यालय के शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को वर्ष 2024-25 के सापेक्ष वर्ष 2025-26 में कितनी वेतन वृद्धि की गई है। इसका विवरण एक सप्ताह में कार्यालय सचिव, जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये है। जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा यह भी निर्देश दिये गये है कि जो भी शुल्क वृद्धि की जाए उसको 60 दिन पूर्व वेबसाइड पर अपलोड करें। समिति ने फैसला लिया गया है कि तहसील स्तर पर सिटी मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारीव तहसीलदार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम गठित कर निरीक्षण कराया जाएगा। यह भी सुनिश्चित कराया जाये किसी भी विद्यालय के द्वारा जूते, मौजे एवं ड्रेस आदि अभिभावकों को खरीदने हेतु बाध्य न किया जाए।

ऐसे विद्यालय जिनके खिलाफ शिकायतें प्राप्त होती हैं, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विद्यालय की जांच की जाए। दोषी पाये जाने पर तत्काल कार्रवाई प्रस्तावित करें। उक्त के लिए स्कूलों की जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा, उपजिलाधिकारी दादरी, उपजिलाधिकारी सदर, उपजिलाधिकारी जेवर, तहसीलदार दादरी, तहसीलदार सदर तथा डिप्टी कलेक्टर वेद प्रकाश पाण्डेय की अध्यक्षता में सात जांच समितियों का गठन किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र में विद्यालयों की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगें कि किसी भी विद्यालय में छात्र और अभिभावक को ड्रेस, किताबें, जूते, मौजे आदि के क्रय के लिए बाध्य तो नहीं किया जा रहा है।

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