उत्तर प्रदेश, नोएडा: नोएडा में बाढ़ का खतरा, करीब 4 हजार लोग प्रभावित, सैकड़ों घरों में पहुंचा पानी

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के कारण नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना का जलस्तर 207.33 मीटर के आसपास पहुंच गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है। इसके चलते नोएडा में शाहदरा ड्रेन के बैराज को बैक फ्लो के डर से बंद कर दिया गया है, जिससे ड्रेन का जलस्तर भी बढ़ गया है। इसके अलावा यमुना और हिंडन नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण सेक्टर-150 और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का संकट गहरा सकता है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए कई शिविर स्थापित किए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

बाढ़ के बढ़ते खतरे से प्रभावित इलाके

यमुना का पानी लगातार पुश्ते को टकरा रहा है और सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है। अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो सेक्टरों में पानी घुसने की संभावना है। सेक्टर-150 के पास स्थित रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन ने सेक्टर-135 और 150 के पास बख्तावरपुर, छपरौली, कोंडली, नंगली वाजिदपुर, नंगला नगली, झट्टा गांव के बारातघर में राहत शिविर स्थापित किए हैं।

प्रभावित इलाकों की स्थिति

बाढ़ से प्रभावित इलाकों में विशेष रूप से जेवर, रबूपुरा और दनकौर के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिलाधिकारी के अनुसार अब तक तहसील सदर के 12, दादरी के 6 और जेवर क्षेत्र के 25 ग्राम प्रभावित हो चुके हैं। लगभग 3800 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 2637 लोग राहत शिविरों में ठहरे हुए हैं। इन शिविरों में सामुदायिक रसोई के जरिए तीनों समय भोजन की व्यवस्था की गई है।

नाले का ओवर फ्लो और सेक्टरों में जलभराव का खतरा

यमुना और हिंडन नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, जिसका सीधा असर सेक्टरों पर हो सकता है। यमुना और हिंडन का मिलन मोम नाथल गांव के पास हो रहा है और दोनों नदियों का जलस्तर पहले से ज्यादा है। इसके कारण इन सेक्टरों में पानी बैक फ्लो होकर सड़कों तक पहुंच सकता है। इसके अलावा नोएडा के कुछ सेक्टरों में सिंचाई नाला भी है, जिससे पानी का रिसाव और अधिक हो सकता है। नाले का पानी अगर ओवर फ्लो होता है तो जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।
प्रशासन की तैयारियां और एनडीआरएफ की तैनाती

प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया है, जो 24 घंटे कार्यरत रहेगा। एनडीआरएफ की दो टीमों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। एक टीम तहसील जेवर महमूदपुर में, और दूसरी टीम तहसील सदर सेक्टर-150 में काम कर रही है। इसके अलावा, पीएसओ 44 बटालियन की टीम को दनकौर मुरशदपुर और अग्निशमन विभाग की टीम को सेक्टर-151 में तैनात किया गया है। अगले 72 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे बाढ़ के हालात और बिगड़ सकते हैं।

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