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Greater Noida : ग्रैप-4 उल्लंघन पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई, 46 स्थानों पर करीब 49.45 लाख का जुर्माना

Greater Noida : ग्रैप-4 उल्लंघन पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई, 46 स्थानों पर करीब 49.45 लाख का जुर्माना

एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी के निर्देश पर ग्रैप-4 लागू किया गया है। इसके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक, निर्माण सामग्री को ढककर रखने और धूल नियंत्रण के कड़े नियम लागू हैं। ग्रैप-4 के नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने व्यापक अभियान चलाया हुआ है। इसी क्रम में नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों, बिल्डरों, औद्योगिक इकाइयों और निजी व्यक्तियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग द्वारा की गई जांच में बीते दो दिनों के भीतर 46 स्थानों पर ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने कुल मिलाकर लगभग 49.45 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह जुर्माना बड़ी कंपनियों से लेकर स्थानीय निवासियों तक सभी पर समान रूप से लगाया गया है, जिससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के मामले में किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।
प्राधिकरण के अनुसार, ग्रैप-4 लागू होने के बाद सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक है और जहां जरूरी कार्य चल रहे हैं, वहां निर्माण सामग्री को पूरी तरह ढकना, नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना और धूल नियंत्रण के अन्य उपाय अपनाना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई स्थानों पर खुले में निर्माण सामग्री पाई गई और बिना अनुमति निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एनजीटी के आदेशों का हर हाल में पालन कराया जाए। एसीईओ सुमित यादव के नेतृत्व में परियोजना विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। टीम को जहां भी ग्रैप-4 का उल्लंघन मिला, वहां तुरंत पेनल्टी लगाई गई।
जिन पर कार्रवाई की गई है, उनमें सेक्टर-1 में एटीएस और बृंदा (स्काई वार्ड) पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। खेड़ा चौगानपुर में मनोज शर्मा, बटुकनाथ शुक्ल और एबीएस डेवलपर्स पर भी 5-5 लाख रुपये की पेनल्टी लगी है। इसके अलावा सेक्टर-12, ईकोटेक-8, ईकोटेक-6, भनौता, छपरौला, सहारा सिटी और ईटा वन समेत कई क्षेत्रों में बिल्डरों, औद्योगिक इकाइयों और निवासियों पर एक लाख से लेकर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। ईटा वन क्षेत्र में 22 लोगों पर कुल 6.70 लाख रुपये की पेनल्टी की गई है, जो ग्रैप-4 के नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कर रहे थे।
प्राधिकरण की ओर से सभी दोषियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर जुर्माने की राशि प्राधिकरण के खाते में जमा कराएं। साथ ही भविष्य में निर्माण सामग्री को ढककर रखने और धूल नियंत्रण के सभी नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
एसीईओ सुमित यादव ने साफ कहा है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है और ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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