उत्तर प्रदेश : हापुड़ निरीक्षण में डीआईजी कालनिधि नैथानी सख्त, अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

Hapur News : हापुड़ में वार्षिक निरीक्षण के दौरान मेरठ रेंज के डीआईजी कालनिधि नैथानी ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और लंबित मामलों में शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्ता के साथ किया जाए और गंभीर अपराधों में संलिप्त सक्रिय व अभ्यस्त अपराधियों के खिलाफ एचएस, गुंडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई हो, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित बैठक में डीआईजी ने आगामी अंबेडकर जयंती और अन्य पर्वों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोभा यात्राओं में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। सभी क्षेत्राधिकारी स्वयं त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करें और सुरक्षा में कोई कमी न रहने दें।
पासपोर्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए डीआईजी ने निर्देश दिया कि आवेदकों को थाने पर न बुलाया जाए, बल्कि मौके पर जाकर सत्यापन किया जाए। उन्होंने हापुड़ नगर, गढ़मुक्तेश्वर और पिलखुवा क्षेत्रों में विवेचना निस्तारण की सराहना करते हुए इसे आगे भी जारी रखने को कहा।
साइबर अपराधों को लेकर भी डीआईजी ने सख्त निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और एनसीआरपी व प्रतिबिंब पोर्टल का अधिकतम उपयोग हो। उन्होंने लंबित विवेचनाओं की समय सीमा तय करते हुए कहा कि एक माह से अधिक लंबित मामलों पर क्षेत्राधिकारी, दो माह पर अपर पुलिस अधीक्षक और तीन माह पर पुलिस अधीक्षक स्वयं संज्ञान लें।
अपराध नियंत्रण को लेकर उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए और अनसुलझे मामलों का शीघ्र खुलासा करने पर जोर दिया। गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्तों की संपत्तियों की जांच कर 14(1) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
डीआईजी ने गोकशी और आबकारी मामलों में सख्ती बरतने को कहा और वांछित अपराधियों पर इनाम घोषित कर जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में वाहन मालिकों को भी आरोपी बनाया जाए और माफिया से जुड़े लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
बैठक में थाना प्रभारियों को अपने कर्मियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। साइबर सेल को सभी थानों के साथ समन्वय कर शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डीआईजी ने प्रमुख चौराहों पर 24 घंटे ड्यूटी और पिकेट लगाने, अतिरिक्त पुलिस बल को नियमित चेकिंग में लगाने और यातायात पुलिस को सतर्क रहकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही विभिन्न डिजिटल पोर्टलों और मिशन शक्ति अभियान की प्रगति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।





