UPSC Prelims 2026: यूपीएससी प्रीलिम्स में अभ्यर्थियों को उलझा गया ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ सवाल, हजारों छात्रों ने छोड़ी परीक्षा

UPSC Prelims 2026:यूपीएससी प्रीलिम्स में अभ्यर्थियों को उलझा गया ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ सवाल, हजारों छात्रों ने छोड़ी परीक्षा

नोएडा में रविवार को आयोजित यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा में इस बार करंट अफेयर्स और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों को खूब परेशान किया। खासतौर पर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से जुड़ा एक सवाल परीक्षा देकर निकले छात्रों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना रहा। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि सवाल समझ में आने के बावजूद उसके विकल्प इतने करीब थे कि सही उत्तर चुनना मुश्किल हो गया।

जिले के 34 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए, लेकिन हजारों छात्रों ने परीक्षा छोड़ भी दी। पहली पाली में कुल 15,922 अभ्यर्थियों में से 10,378 ने परीक्षा दी, जबकि 5,544 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 10,260 परीक्षार्थी शामिल हुए और 5,662 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी।

अभ्यर्थियों के मुताबिक इस बार प्रश्नपत्र का स्तर मॉडरेट से कठिन रहा। कई छात्रों ने कहा कि यूपीएससी ने इस बार सवालों के पैटर्न में बदलाव किया था, जिससे परीक्षा और चुनौतीपूर्ण हो गई। छात्रों का कहना है कि कई सवाल सीधे तथ्यों पर आधारित थे, जबकि कुछ प्रश्नों में विश्लेषणात्मक समझ की आवश्यकता थी।

परीक्षा देकर बाहर निकली अभ्यर्थी राखी ने बताया कि इस बार फैक्चुअल प्रश्नों की संख्या काफी अधिक थी। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल रिलेशन और वैश्विक घटनाओं से जुड़े सवालों का वेटेज पहले की तुलना में ज्यादा दिखाई दिया। कई छात्रों ने बताया कि करंट अफेयर्स के साथ पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और भारतीय राजनीति से जुड़े प्रश्न भी काफी अहम रहे।

परीक्षा के दौरान भीषण गर्मी ने भी अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ाईं। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद बाहर निकले छात्रों के बीच प्रश्नपत्र, संभावित कटऑफ और कठिन सवालों को लेकर लंबी चर्चा होती रही।

इस बार जीरो एफआईआर और अहमदाबाद प्लेन क्रैश जैसे समसामयिक मुद्दों से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए, जिसने छात्रों को चौंका दिया। कई छात्रों का मानना है कि इस बार यूपीएससी ने पारंपरिक विषयों के साथ-साथ वर्तमान अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय घटनाओं पर अधिक फोकस किया।

परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के बीच रिजल्ट और कटऑफ को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img