Cleaning System: सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर ठेकेदार पर 3 लाख रुपये का जुर्माना, शहर की सफाई संभालने के लिए फील्ड में उतरे अधिकारी

Cleaning System: सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर ठेकेदार पर 3 लाख रुपये का जुर्माना, शहर की सफाई संभालने के लिए फील्ड में उतरे अधिकारी

ग्रेटर नोएडा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाए हैं। सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर एक ठेकेदार पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं शहर में सफाई कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और परियोजना विभाग के अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात कर लगातार निगरानी की जा रही है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर एक जुलाई से चल रही सफाई कर्मियों की हड़ताल के दौरान व्यापक व्यवस्था लागू की गई है। कुछ ठेकेदारों के अधीन कार्यरत मैन्युअल स्वीपिंग कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने शहर की सफाई व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है।

प्राधिकरण ने स्वास्थ्य विभाग के साथ परियोजना विभाग के सभी आठ वर्क सर्किलों में वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों की ड्यूटी लगाई है। एसीईओ, ओएसडी, प्रधान महाप्रबंधक, महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रत्येक अधिकारी को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है ताकि किसी भी स्थान पर गंदगी की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

रविवार को अवकाश होने के बावजूद अधिकारी विभिन्न सेक्टरों और क्षेत्रों में निरीक्षण करते रहे। जहां भी सफाई में कमी पाई गई, वहां तत्काल सफाई कर्मियों को बुलाकर व्यवस्था दुरुस्त कराई गई। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर बिमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड पर कुल तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

प्राधिकरण के अनुसार जोन-5 में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि ईकोटेक-3 और सेक्टर-2 एवं 3 में गंदगी मिलने पर एक लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी लापरवाही मिलने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

सफाई कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सफाई कार्य का समय भी बढ़ा दिया गया है। अब सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक लगभग 12 घंटे सफाई अभियान चलाया जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था पहले की तरह जारी है। इसके अलावा मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों, कूड़ा उठाने वाले वाहनों, उद्यान विभाग की टीम और क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की भी मदद ली जा रही है।

प्राधिकरण ने सभी ठेकेदारों को पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी क्षेत्र में दोबारा गंदगी पाई गई तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रभारी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ सुमित यादव प्रतिदिन अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर सफाई व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने नागरिकों से भी शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने और कहीं भी गंदगी दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देने की अपील की है।

 

Hot this week

Ghaziabad : इंदिरापुरम में बंगाली समाज का दुर्गा पूजा उत्सव, सातवें वर्ष में प्रवेश

Ghaziabad : इंदिरापुरम बंगाली कल्चरल सोसाइटी की ओर से...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img