AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली में जेंडर-अफर्मिंग और रिफाइनिंग सर्जरी में लगातार इजाफा

AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली में जेंडर-अफर्मिंग और रिफाइनिंग सर्जरी में लगातार इजाफा
नई दिल्ली, एम्स दिल्ली के प्लास्टिक, रीकंस्ट्रक्टिव और बर्न्स सर्जरी विभाग में जेंडर-अफर्मिंग और जेंडर-रिफाइनिंग सर्जरी के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 14, 2024 में 36, 2025 में 66 और जनवरी 2026 तक 20 मामले सामने आए। कुल मिलाकर इस अवधि में 195 चिकित्सा प्रक्रियाएं संपन्न हुईं, जिनमें 139 प्रमुख और 56 माइनर प्रक्रियाएं शामिल हैं।
ट्रांस-मेन में 67 और ट्रांस-वूमन में 72 प्रमुख सर्जरी की गईं। डॉ. मनीष सिंघल के मुताबिक जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (GAS) में वेजिनोप्लास्टी, फैलोप्लास्टी जैसी जटिल शल्य प्रक्रियाएं शामिल हैं, जबकि जेंडर-रिफाइनिंग सर्जरी (GRS) में ब्रेस्ट ऑग्मेंटेशन, टॉर्सो मैस्कुलिनाइजेशन, फेशियल सर्जरी, राइनोप्लास्टी, जॉ सर्जरी, वॉयस सर्जरी और एडम्स एप्पल शेव जैसी प्रक्रियाएं की जाती हैं।
माइनर प्रक्रियाओं में बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन, डर्मल फिलर्स, लेजर ट्रीटमेंट, थ्रेड लिफ्ट्स, हेयर ट्रांसप्लांटेशन और फैट ग्राफ्टिंग शामिल हैं। ये आंकड़े अस्पताल के रिकॉर्ड पर आधारित हैं और देश में जेंडर-अफर्मिंग और रिफाइनिंग सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।
जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (GAS) – ट्रांसजेंडर, नॉन-बाइनरी और जेंडर-डाइवर्स लोगों के शरीर को उनकी लैंगिक पहचान के अनुरूप ढालने के लिए की जाने वाली शल्य प्रक्रियाएं।
जेंडर-रिफाइनिंग सर्जरी (GRS) – शारीरिक अंगों को लिंग पहचान के अनुरूप बदलने की प्रक्रियाएं, जिसमें हार्मोन थेरेपी और मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी शामिल हो सकती है।
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