Sammed Shikhar Ji: सम्मेद शिखर की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण की उठी मांग, विश्व जैन संगठन ने केंद्र और झारखंड सरकार से की अपील
रिपोर्ट: अजीत कुमार
नोएडा। झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित पारसनाथ पर्वतराज और जैन समाज के सर्वोच्च तीर्थों में शामिल श्री सम्मेद शिखर जी की पवित्रता तथा पर्यावरण संरक्षण को लेकर विश्व जैन संगठन ने केंद्र सरकार और झारखंड सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। संगठन ने पर्वतराज के प्रवेश द्वार पर यात्रियों के पंजीकरण और सामान की जांच की व्यवस्था करने के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा बढ़ाने, अतिक्रमण हटाने तथा गैर धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
गुरुवार को नोएडा मीडिया क्लब में विश्व जैन संगठन की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने श्री सम्मेद शिखर जी से जुड़े धार्मिक महत्व, मौजूदा व्यवस्थाओं और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर अपनी बात रखी। संगठन ने केंद्रीय वन मंत्रालय और झारखंड सरकार से तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा और प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित पारसनाथ पर्वतराज जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। जैन मान्यताओं के अनुसार 24 जैन तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों ने श्री सम्मेद शिखर जी से मोक्ष प्राप्त किया था। इसी कारण पर्वतराज के प्रत्येक हिस्से को जैन समाज अत्यंत श्रद्धा और आस्था की दृष्टि से देखता है।
संगठन का कहना है कि वर्तमान में पर्वतराज के प्रवेश द्वार पर यात्रियों के सामान की व्यवस्थित जांच, पंजीकरण और पर्याप्त निगरानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई तरह की गैर धार्मिक गतिविधियां सामने आने की शिकायतें मिल रही हैं। संगठन ने दावा किया कि पर्वतराज पर फिल्मी गानों पर आपत्तिजनक वीडियो और रील बनाने, नशीले पदार्थों का सेवन करने तथा बाइक चलाने जैसी गतिविधियां धार्मिक मर्यादा और पर्यावरण दोनों को प्रभावित कर रही हैं।
विश्व जैन संगठन ने इन गतिविधियों को रोकने के लिए प्रवेश द्वार से ही निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। संगठन के मुताबिक पर्वतराज के प्रवेश द्वार पर यात्रियों का पंजीकरण किया जाना चाहिए। इसके साथ सामान की जांच के लिए स्कैनर और बैरियर से लैस चेक पोस्ट स्थापित किए जाने चाहिए, जिससे प्रतिबंधित वस्तुओं को पर्वतराज पर ले जाने से रोका जा सके।
संगठन ने पूरे संवेदनशील क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि कैमरों के माध्यम से वंदना मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी की जा सकेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करना आसान होगा।
वंदना मार्ग पर कथित अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रेस वार्ता के दौरान उठाया गया। संगठन ने प्रशासन से वंदना मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, ताकि तीर्थयात्रियों को धार्मिक यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और मार्ग का मूल स्वरूप भी सुरक्षित रखा जा सके।
इसके अलावा पारसनाथ पर्वतराज पर बाइक के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि वाहनों की आवाजाही से न केवल धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी तरह पर्वतराज पर किसी भी प्रकार के नशे को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग रखी गई।
प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर भी संगठन ने चिंता जताई। विश्व जैन संगठन ने पर्वतराज क्षेत्र में प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अन्य लोगों की आवाजाही के कारण पैदा होने वाला प्लास्टिक कचरा पर्वतीय पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई गई।
सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पर्वतराज पर फिल्मी गानों के साथ वीडियो और रील बनाने को लेकर भी संगठन ने आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि श्री सम्मेद शिखर जी धार्मिक आस्था का केंद्र है और यहां ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए, जिनसे तीर्थ की धार्मिक गरिमा प्रभावित हो। इसी आधार पर संगठन ने फिल्मी गानों पर वीडियो या रील बनाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
प्रेस वार्ता के दौरान संजय जैन ने संगठन की मांगों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित भ्रामक जानकारियों पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि पर्वतराज की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से रखी गई मांगों को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
संजय जैन ने स्पष्ट किया कि संगठन की ओर से मधुवन के स्थानीय समाज, किसी संस्था, नेता या किसी विशेष राजनीतिक दल के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया गया है और न ही ऐसी कोई मांग रखी गई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैल रही कथित गलतफहमियों को दूर करने के उद्देश्य से विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
विश्व जैन संगठन के महामंत्री राहुल जैन, राष्ट्रीय मंत्री अनुज जैन और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आकाश जैन ने भी श्री सम्मेद शिखर जी के धार्मिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन जैन शास्त्रों में पारसनाथ पर्वतराज को अत्यंत पवित्र स्थान माना गया है। संगठन के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारों, पुरातत्व विभाग तथा संबंधित सरकारी संस्थाओं ने भी इसके धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को स्वीकार किया है।
पदाधिकारियों ने कहा कि जैन मान्यताओं के अनुसार यह 20 तीर्थंकरों के साथ अनंत संतों की मोक्षस्थली है। ऐसे में इस क्षेत्र की धार्मिक पवित्रता और प्राकृतिक पर्यावरण को सुरक्षित रखना केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि संबंधित प्रशासनिक संस्थाओं की भी जिम्मेदारी है।
प्रेस वार्ता में विश्व जैन संगठन की नोएडा शाखा के अध्यक्ष के.के. जैन, सदस्य वीरेंद्र जैन और अभिषेक जैन, युवा प्रकोष्ठ के महामंत्री सागर जैन, नोएडा सेक्टर-27 जैन मंदिर के प्रधान पवन कुमार जैन, सेक्टर-50 जैन मंदिर के प्रधान प्रदीप चंद्र जैन, सीए विपुल जैन और लक्ष्मी नगर शाखा अध्यक्ष अतुल जैन एडवोकेट सहित विभिन्न जैन संस्थाओं के पदाधिकारी और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्थल की पवित्रता के साथ उसके पर्यावरण को नुकसान पहुंचना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जैन समाज सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करता है और इसी तरह वह अन्य लोगों से भी अपने सर्वोच्च तीर्थ की धार्मिक मर्यादा का सम्मान किए जाने की अपेक्षा करता है।
विश्व जैन संगठन ने केंद्रीय वन मंत्रालय और झारखंड सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि प्रभावी सुरक्षा, निगरानी, यात्री पंजीकरण, प्लास्टिक और नशे पर रोक तथा पर्यावरण संरक्षण के उपाय लागू करके श्री सम्मेद शिखर जी की धार्मिक गरिमा और पारसनाथ पर्वतराज के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सकता है।


