RTE Admission: स्कूलों की मनमानी जारी, दो हजार छात्रों के अभिभावक भटकने को मजबूर
RTE Admission: स्कूलों की मनमानी जारी, दो हजार छात्रों के अभिभावक भटकने को मजबूर
नोएडा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश नहीं लेने वाले स्कूलों पर नोटिस जारी होने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई न होने से स्कूलों की मनमानी जारी है। जिले के अधिकांश स्कूल 20 मई से बंद होने जा रहे हैं और जुलाई में दोबारा खुलेंगे। ऐसे में अब तक केवल करीब 2300 बच्चों का ही दाखिला हो सका है, जबकि हजारों अभिभावक अब भी स्कूलों और अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर जिले के 40 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद सात मई को एडीएम प्रशासन मंगलेश दुबे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, लेकिन उसमें केवल 30 स्कूलों के प्रतिनिधि ही पहुंचे। बाकी 10 स्कूलों के अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। अनुपस्थित स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से दोबारा नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया था, लेकिन अब तक किसी भी स्कूल ने जवाब नहीं दिया है।
वहीं, स्कूलों के साथ अगली बैठक की तारीख भी तय नहीं हो सकी है। आरटीई के तहत चयनित बच्चों के अभिभावक लगातार स्कूलों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष मैपिंग के बाद जिले में 11,600 सीटें आरटीई के तहत घोषित की गई थीं। तीन चरणों में 4,330 सीटों का आवंटन किया गया, लेकिन अब तक केवल 2300 बच्चों का दाखिला ही हो पाया है। बाकी करीब दो हजार बच्चों के अभिभावक अब भी प्रवेश के लिए भटक रहे हैं।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं और हर बच्चे का दाखिला सुनिश्चित कराया जाएगा।



