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Rampur Advocate Murder: रामपुर में वकील फारूक अहमद की गोली मारकर हत्या, ग्रेटर नोएडा में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

Rampur Advocate Murder रामपुर में वकील फारूक अहमद की गोली मारकर हत्या, ग्रेटर नोएडा में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

नोएडा। उत्तर प्रदेश के रामपुर में अधिवक्ता फारूक अहमद की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से वकील समुदाय में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस घटना के विरोध में गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में भी अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
जिला बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर से एकत्र होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा, जिसमें घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की गई।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी ने कहा कि रामपुर में अधिवक्ता फारूक अहमद की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक घटना है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और उन पर हमला पूरे न्यायिक तंत्र पर हमला माना जाना चाहिए। भाटी ने मांग की कि हत्या में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अधिवक्ताओं ने यह भी मांग की कि पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि उन्हें इस कठिन समय में सहारा मिल सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह स्थिति पूरे प्रदेश के लिए चिंताजनक हो सकती है।
घटना के विरोध में जिला बार एसोसिएशन द्वारा हड़ताल का भी आह्वान किया गया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए एकजुटता दिखाई। वकीलों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था और अधिवक्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर इसे राज्य सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
वकीलों ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस घटना ने प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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