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Ram Sutar: नोएडा में राम वंजी सुतार का निधन, दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के शिल्पकार को खोने का देश को भारी नुकसान

Ram Sutar: नोएडा में राम वंजी सुतार का निधन, दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के शिल्पकार को खोने का देश को भारी नुकसान

नोएडा के सेक्टर-19 में बुधवार रात भारत और दुनिया के लिए एक दुखद समाचार सामने आया। प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वंजी सुतार का निधन हो गया। वह 100 वर्ष के थे और कई दिनों से बीमार चल रहे थे। राम सुतार ने अपने जीवन में भारत की कला और मूर्तिकला को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया। उनका सबसे बड़ा योगदान था दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण, जो गुजरात के केवडिया में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के रूप में स्थापित है। इस महान मूर्तिकार के निधन से कला जगत और देश के नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

राम वंजी सुतार का जीवन कला और समर्पण का प्रतीक रहा। 19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंडूर गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे सुतार ने बचपन से ही मूर्तिकला में रुचि दिखाई। मुंबई के प्रसिद्ध सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट एंड आर्किटेक्चर से स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सुतार ने देश और विदेश में अपनी कला का लोहा मनवाया। उनके द्वारा बनाई गई महात्मा गांधी की 350 से अधिक प्रतिमाएँ भारत और विश्व के 450 से अधिक शहरों में स्थापित हैं। इसके अलावा उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, भगवान राम और अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारकों का निर्माण और संरक्षण किया।

राम सुतार ने अपने करियर के दौरान कई पुरस्कार भी प्राप्त किए। उन्हें 1999 में पद्मश्री और 2016 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। इसी वर्ष महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘महाराष्ट्र भूषण’ से नवाजा, जिसे नोएडा में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने उन्हें प्रदान किया। इस अवसर पर नोएडा के सांसद और कला क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम सुतार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी अनूठी कृतियों ने भारत की संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय गौरव को अमर किया है। उन्होंने कहा कि राम सुतार की रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य गणमान्य नेताओं ने भी उनके योगदान की सराहना की।

राम सुतार ने अपने जीवन में न केवल मूर्तिकला में महारत हासिल की बल्कि भारत की कला और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी बनाई स्टैच्यू ऑफ यूनिटी न केवल भारत के इतिहास और गौरव का प्रतीक है, बल्कि विश्वभर में भारतीय कला की चमक का उदाहरण भी है। उनका निधन न केवल कला जगत के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार और प्रशंसकों को यह शोक सहन करने की शक्ति मिले, यही सभी की कामना है।

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