
Chandigarh News : समाज सुधारक और राजनीतिक नेता Kanshi Ram को भारत रत्न देने की मांग से जुड़ा प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रस्ताव पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने पेश किया, जिसमें केंद्र सरकार से अपील की गई है कि कांशीराम को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया जाए। प्रस्ताव को सदन के सभी सदस्यों का समर्थन मिला और पंजाब सरकार इसे केंद्र सरकार को भेजेगी।
प्रस्ताव पेश करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांशीराम ने B. R. Ambedkar की विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सामाजिक-आर्थिक समानता का संदेश घर-घर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि कांशीराम असाधारण ईमानदारी के प्रतीक थे और अपने जीवन में उन्होंने अपने नाम पर किसी प्रकार की संपत्ति, जमीन या बैंक खाता नहीं रखा।
उन्होंने कहा कि कांशीराम ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष के लिए पुणे में गजेटेड अधिकारी की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने All India Backward and Minority Communities Employees Federation की स्थापना की और सक्रिय राजनीति में आकर गरीब तथा मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि के हजारों युवाओं को राष्ट्रीय राजनीति में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रोपड़ जिले के ख्वासपुरा गांव में हुआ था और उन्होंने सरकारी कॉलेज रोपड़ से स्नातक की पढ़ाई की। बाद में वे 1991 में उत्तर प्रदेश के इटावा और 1996 में पंजाब के होशियारपुर से सांसद चुने गए तथा राज्यसभा में भी सेवाएं दीं।
कांशीराम की विरासत को सम्मान देने के लिए पंजाब सरकार ने उनके पैतृक गांव में एक स्कूल के पुनर्निर्माण और उन्नयन के लिए दो करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, जिसका नाम उनके नाम पर रखा जाएगा। इसके अलावा गांव में एक उच्च स्तरीय पुस्तकालय और आधुनिक ऑडिटोरियम बनाने को भी मंजूरी दी गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके योगदान को संरक्षित किया जा सके।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने वर्ष 2016 में ही कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर 2006 को कांशीराम के निधन के बाद भी दिल्ली में उनके लिए स्मारक हेतु भूमि आवंटन की मांग पूरी नहीं हो सकी थी। अंत में उन्होंने सदन से प्रस्ताव को पूर्ण एकता के साथ पारित कर केंद्र सरकार को मजबूत सिफारिश भेजने की अपील की।





