Punjab Politics: पंजाब पुलिस पर टिप्पणी को लेकर गरमाई राजनीति, बलतेज पन्नू ने रवनीत सिंह बिट्टू पर साधा निशाना

Punjab Politics: पंजाब पुलिस पर टिप्पणी को लेकर गरमाई राजनीति, बलतेज पन्नू ने रवनीत सिंह बिट्टू पर साधा निशाना
चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने भाजपा के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए उनके हालिया बयान और पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की कड़ी आलोचना की। पन्नू ने कहा कि धुरी में हुई घटना के दौरान बिट्टू का व्यवहार पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना था और इससे सुरक्षा बलों के प्रति उनका घमंड और अनादर साफ दिखाई देता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि रवनीत सिंह बिट्टू ने कैमरों के सामने पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ बदसलूकी की और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। पन्नू ने कहा कि चाहे पंजाब पुलिस हो, केंद्रीय सुरक्षा बल हों या भारतीय सेना, सभी सुरक्षा एजेंसियां सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ और ड्रामा के लिए पूरी पुलिस फोर्स को निशाना बनाना बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम है। पन्नू के मुताबिक सुरक्षा कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और ऐसे में उनका सार्वजनिक रूप से अपमान करना गलत संदेश देता है।
रवनीत सिंह Bittoo के उस बयान पर भी पन्नू ने आपत्ति जताई जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि पुलिस चेकिंग के दौरान पंजाबी पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज होती है। पन्नू ने इसे पंजाब पुलिस और पंजाब के लोगों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के जवान और युवा अधिकारी प्रोफेशनल तरीके से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और जनता के साथ उनके व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
रोड सेफ्टी फोर्स (एसएसएफ) के काम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज सड़क हादसों में घायल लोगों को मिनटों में मदद पहुंच रही है, जो पंजाब पुलिस की सक्रियता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले पुलिस को ही फोन करते हैं और पुलिस की चेकिंग से ईमानदार लोगों को सुरक्षा का एहसास होता है। उनके अनुसार पुलिस कार्रवाई से केवल अपराधी और असामाजिक तत्व ही परेशान होते हैं।
बलतेज पन्नू ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लिया। उन्होंने 2017 में कांग्रेस सरकार के दौरान पंजाब पुलिस में बिट्टू के भाई की डीएसपी भर्ती का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि उस समय भर्ती प्रक्रिया और नियमों में बदलाव किए गए थे। पन्नू ने सवाल किया कि अगर बिट्टू को पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं है तो उन्होंने अपने परिवार के सदस्य को उसी विभाग में भर्ती कराने के लिए इतनी कोशिश क्यों की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाब में 65 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार, रिश्वत या सिफारिश के केवल मेरिट के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि वे मौजूदा सरकार में भ्रष्ट भर्ती का एक भी उदाहरण पेश करें।
अंत में बलतेज पन्नू ने मांग की कि रवनीत सिंह बिट्टू बिना शर्त पंजाब पुलिस से माफी मांगें, खासकर उन अधिकारियों से जिनके खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी कठिन मेहनत, पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के दम पर इस मुकाम तक पहुंचते हैं और उनका सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।





