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Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा को लेकर गौतमबुद्धनगर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा से स्वास्थ्य तक व्यापक इंतजाम

Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा को लेकर गौतमबुद्धनगर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा से स्वास्थ्य तक व्यापक इंतजाम

नोएडा। श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 और 11 अगस्त को होने वाले जलाभिषेक को लेकर गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, विद्युत, वन और लोक निर्माण विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

महाशिवरात्रि के अवसर पर जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक होगा। इनमें जेवर के ग्राम भाईपुर स्थित शिव मंदिर नानकेश्वर, नोएडा के सेक्टर-2 स्थित शिव मंदिर, सेक्टर-19 का सनातन धर्म मंदिर और सेक्टर-22 स्थित शिव मंदिर प्रमुख हैं। इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात संचालन को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। कांवड़ मार्गों पर पीआरवी वाहनों के माध्यम से लगातार गश्त की जाएगी। इसके अलावा सीमावर्ती राज्यों और आसपास के जनपदों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

प्रशासन ने यातायात के लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया है। जोनवार और थानावार पुलिस प्रबंधन के साथ प्रभावी संचार व्यवस्था भी लागू की गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल कार्रवाई कर सकें।

कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय, बैरिकेडिंग, निर्बाध बिजली आपूर्ति और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संबंधित अधिकारियों को शिविरों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रमुख कांवड़ मार्गों और शिविर स्थलों पर चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पतालों में पर्याप्त बेड, जीवनरक्षक दवाएं, एंटी स्नेक वेनम, एंबुलेंस और चिकित्सा कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डॉक्टरों, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की गई है।

वन विभाग ने कांवड़ मार्गों पर झाड़ियों की सफाई के साथ पेड़ों की लटकी शाखाओं की छंटाई कराई है। इसका उद्देश्य यात्रियों के आवागमन को सुरक्षित बनाना है। वहीं विद्युत विभाग ने बारिश के मौसम को देखते हुए बिजली के खंभों पर जलरोधी सुरक्षा आवरण लगाए हैं और ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा घेरे बनाए हैं। जलभराव से बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग ने कांवड़ मार्गों और संपर्क सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत, पैचवर्क और जल निकासी की व्यवस्था की है। सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई-छंटाई भी कराई गई है।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए। प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराते हुए यात्रा और जलाभिषेक कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।

Stray Dogs: ग्रेटर नोएडा में स्ट्रे डॉग विवाद सुलझाने की नई पहल, हर गुरुवार तय होंगे डॉग फीडिंग प्वाइंट

Stray Dogs: ग्रेटर नोएडा में स्ट्रे डॉग विवाद सुलझाने की नई पहल, हर गुरुवार तय होंगे डॉग फीडिंग प्वाइंट

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में स्ट्रे डॉग को लेकर होने वाले विवादों के समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नई पहल शुरू की है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर अब हर बृहस्पतिवार को संबंधित सोसाइटी के प्रतिनिधियों, डॉग फीडर्स, पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में सभी पक्षों की सहमति से डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित करने का प्रयास किया जाएगा।

प्राधिकरण के महाप्रबंधक आरके भारती की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पशु चिकित्सक, एचसीएल फाउंडेशन, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन या एस्टेट मैनेजर और डॉग फीडर्स शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य स्ट्रे डॉग को लेकर सोसाइटीवासियों और डॉग फीडर्स के बीच होने वाले विवादों को बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से सुलझाना है।

बैठक के दौरान डॉग फीडिंग प्वाइंट तय करने के साथ ही एनिमल बर्थ कंट्रोल यानी एबीसी नियमों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी। प्राधिकरण का प्रयास है कि फीडिंग के लिए ऐसे स्थान तय किए जाएं, जिससे सोसाइटी में रहने वाले लोगों और डॉग फीडर्स दोनों को सुविधा हो तथा अनावश्यक विवाद की स्थिति न बने।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस अभियान के तहत 31 दिसंबर तक 24 सोसाइटियों के लिए तिथिवार बैठक कार्यक्रम जारी किया है। अभियान की पहली बैठक 23 जुलाई को हुई थी। अब तक सेवियर ग्रीन आर्क, पार्श्वनाथ पैनोरमा और महागुन मायवुड सोसाइटी के साथ तीन बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

अगली बैठक 13 अगस्त को टेकजोन-4 स्थित हिमालया प्राइड सोसाइटी के साथ होगी। बैठक दोपहर एक बजे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय की छठी मंजिल स्थित बोर्ड रूम में आयोजित की जाएगी।

इसके बाद 20 अगस्त को जेपी ग्रींस, 27 अगस्त को येस सिटी सेक्टर-1, 3 सितंबर को गौर सिटी-1 स्थित एआईजी पार्क एवेन्यू, 10 सितंबर को एटीएस ग्रीन पैराडिसो, 17 सितंबर को अम्रपाली गोल्फ होम, 24 सितंबर को एनटीपीसी आनंदम, 1 अक्टूबर को पटेल नियो टाउन, 8 अक्टूबर को अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी, 15 अक्टूबर को निंबस एक्सप्रेस पार्क व्यू-2, 22 अक्टूबर को ग्रीनवुड गवर्नमेंट वेलफेयर सोसाइटी, 29 अक्टूबर को सेंचुरियन पार्क, 5 नवंबर को अर्थकान कासा ग्रैंड-2, 12 नवंबर को ड्रीम वैली विला, 19 नवंबर को लोटस विला, 26 नवंबर को सुपरटेक ईको विलेज-1, 3 दिसंबर को स्ट्रैटेजिक रॉयल कोर्ट, 10 दिसंबर को जेकेजी पाम कोर्ट, 17 दिसंबर को पंचशील, 24 दिसंबर को श्री राधा स्काई गार्डन और 31 दिसंबर को अंतरिक्ष गोल्फ लिंक सोसाइटी के साथ बैठक होगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने उम्मीद जताई कि इस पहल के माध्यम से सोसाइटियों में डॉग फीडिंग प्वाइंट आपसी सहमति से निर्धारित किए जा सकेंगे। इससे स्ट्रे डॉग को लेकर होने वाले विवादों को कम करने और सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।

 

Insurance Claim: ज्यादा सवारी होने के आधार पर बीमा कंपनी नहीं कर सकती क्लेम खारिज, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला

Insurance Claim: ज्यादा सवारी होने के आधार पर बीमा कंपनी नहीं कर सकती क्लेम खारिज, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला

नोएडा। वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी होने के आधार पर बीमा कंपनी सड़क हादसे में हुए नुकसान का दावा खारिज नहीं कर सकती। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक मामले की सुनवाई करते हुए आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को वाहन मालिक को 4,98,563 रुपये की बीमित राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है।

ग्रेटर नोएडा के स्वर्णनगरी निवासी अशोक कुमार ने टाटा ऐस (एश मिनी) वाहन खरीदा था। वाहन का बीमा 28 अक्टूबर 2016 से 27 अक्टूबर 2017 तक वैध था। बीमा पॉलिसी के तहत वाहन की बीमित राशि 4,98,563 रुपये निर्धारित की गई थी।

22 अगस्त 2017 को एटा में वाहन को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में टाटा ऐस वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मामले की रिपोर्ट मलावन कोतवाली में दर्ज कराई गई। हादसे की जानकारी बीमा कंपनी को देने के बाद वाहन मालिक ने क्लेम प्रस्तुत किया।

बीमा कंपनी ने एक दिसंबर 2017 को दावा खारिज कर दिया। कंपनी की ओर से दावा किया गया कि दुर्घटना के समय वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठी थीं। इसके बाद अशोक कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर बीमा राशि दिलाने की मांग की।

सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने सर्वेयर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वाहन को करीब 14,330 रुपये का नुकसान हुआ था। कंपनी ने यह भी दावा किया कि वाहन में हुई अधिकांश क्षति पुरानी थी और वह दुर्घटना से संबंधित नहीं थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि वाहन दुर्घटना के समय बीमित था और हादसा गलत दिशा से आए ट्रक की टक्कर के कारण हुआ। आयोग ने यह भी माना कि सर्वेयर की रिपोर्ट में वाहन के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की गई है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी होने के आधार पर बीमा दावा पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह वाहन मालिक को 4,98,563 रुपये की बीमित राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करे।

Noida Hotel Dispute: नोएडा के होटल में हंगामा और धमकी के आरोप में चार के खिलाफ एफआईआर

Noida Hotel Dispute: नोएडा के होटल में हंगामा और धमकी के आरोप में चार के खिलाफ एफआईआर

नोएडा। कोतवाली सेक्टर-49 क्षेत्र स्थित एक होटल में विवाद, हंगामा और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। होटल संचालिका की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सेक्टर-120 निवासी स्मिता शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-51 स्थित एक होटल का संचालन करती हैं। शिकायत के मुताबिक, 22 जून को राधिका और संजय अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ होटल में ठहरे थे। इसके बाद 11 जुलाई को मुस्कान और नूर भी होटल में रहने आए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, पांच और छह अगस्त को किसी बात को लेकर होटल प्रबंधन और होटल में ठहरे चारों लोगों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला हंगामे में बदल गया। आरोप है कि चारों ने होटल परिसर में अभद्र भाषा का प्रयोग किया और होटल प्रबंधन को जान से मारने की धमकी दी।

होटल संचालिका का आरोप है कि विवाद के कारण अन्य मेहमानों के सामने होटल का माहौल खराब हुआ। जब होटल प्रबंधन ने संबंधित लोगों से कमरा खाली करने और बकाया भुगतान करने को कहा तो विवाद और बढ़ गया।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी के रूप में होटल में ठहरे एक युवक और युवती सहमति से साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, होटल में चेक-इन के दौरान उनके पेशे और निवास से संबंधित जानकारी भी गलत दर्ज कराई गई थी।

एसीपी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने संजय, राधिका, नूर और मुस्कान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Contaminated Water: ग्रीन आर्च सोसाइटी में 35 लोगों को उल्टी-पेट दर्द, स्वास्थ्य शिविर में 40 की जांच

Contaminated Water: ग्रीन आर्च सोसाइटी में 35 लोगों को उल्टी-पेट दर्द, स्वास्थ्य शिविर में 40 की जांच

नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ग्रीन आर्च सोसाइटी में दूषित पेयजल की आशंका के बीच लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला जारी है। पिछले कुछ दिनों से सोसाइटी में रहने वाले लोगों में पेट दर्द, उल्टी और बुखार जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। कई लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भी जाना पड़ा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए शुक्रवार को जिम्स अस्पताल की टीम ने सोसाइटी परिसर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया।

शिविर में करीब 40 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें से 35 लोगों में पेट दर्द और उल्टी जैसी शिकायतें सामने आईं। डॉक्टरों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं दीं और सावधानियां बरतने की सलाह दी। जिन लोगों में पानी से जुड़ी बीमारी के लक्षण पाए गए, उनके घरों से पानी के नमूने भी लिए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, ताकि पानी की गुणवत्ता और बीमारी के संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

सोसाइटी के ए टावर में रहने वाले अमित ने बताया कि लगातार लोगों की तबीयत खराब होने से निवासी चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को कई दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। पहले घर पर ही उसका उपचार कराया जा रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब पांच घंटे तक इमरजेंसी में उपचार किया गया। हालत में सुधार होने के बाद डॉक्टरों ने उसे घर भेज दिया।

अमित का कहना है कि सोसाइटी में लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका आरोप है कि लोग दूषित पानी की आशंका के कारण घर में आने वाले पानी का इस्तेमाल करने से भी बच रहे हैं। उन्होंने प्राधिकरण और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन से समस्या का प्रभावी और स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

वहीं, एओए अध्यक्ष नामित रंजन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। सोसाइटी में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया है और पानी की गुणवत्ता की जांच भी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि पानी की टंकियों में निर्धारित मानकों के अनुसार क्लोरीन डाला जा रहा है, ताकि निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। एओए की ओर से फिलहाल सोसाइटी की स्थिति सामान्य होने का दावा करते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

कार ने बाइक सवार दोस्तों को 200 मीटर तक घसीटा, दोनों की मौत

नोएडा। बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र में बुधवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में कार की टक्कर के बाद बाइक सवार दो दोस्तों की मौत हो गई। आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक ने वाहन रोकने के बजाय बाइक समेत दोनों युवकों को करीब 200 मीटर तक घसीट दिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान हमीरपुर जिले के अमगांव निवासी 19 वर्षीय सचिन और न्यूरिया गांव निवासी 19 वर्षीय मनीष के रूप में हुई है। सचिन ऐच्छर गांव में रह रहा था, जबकि मनीष सेक्टर ओमिक्रोन में किराए के मकान में रहता था।

मृतक सचिन के पिता बाबूराम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बुधवार रात सचिन अपने दोस्त मनीष के साथ बाइक पर सवार होकर नवादा गोल चक्कर से डोमिनोज गोल चक्कर की ओर जा रहा था। इसी दौरान अवध ग्रीन कट के सामने एक कार ने उनकी बाइक में पीछे से टक्कर मार दी।

आरोप है कि टक्कर के बाद कार चालक ने वाहन रोकने के बजाय मौके से भागने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों युवक बाइक समेत कार में फंस गए और कार चालक उन्हें करीब 200 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। कुछ दूरी पर कार रुकने के बाद मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर आरोपी कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

Rain Alert: नोएडा में बारिश के बीच महाप्रबंधक (सिविल) का निरीक्षण, अधिकांश क्षेत्रों में नहीं मिला जलभराव

Rain Alert: नोएडा में बारिश के बीच महाप्रबंधक (सिविल) का निरीक्षण, अधिकांश क्षेत्रों में नहीं मिला जलभराव

नोएडा। लगातार हो रही बारिश के बीच नोएडा प्राधिकरण ने जल निकासी व्यवस्था की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा ने शुक्रवार को वर्क सर्किल-9 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न आवासीय और संस्थागत क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर जलभराव की स्थिति नहीं मिली।

महाप्रबंधक के साथ वरिष्ठ प्रबंधक अनिल कुमार, प्रबंधक उमेश त्यागी, प्रबंधक अंकित राजपूत, अवर अभियंता और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही। टीम ने सेक्टर-94, 125, 126 और 127 के अलावा सेक्टर-94 अंडरपास, सेक्टर-96 अंडरपास, हाजीपुर अंडरपास तथा संबंधित क्षेत्रों के सामने स्थित 45 मीटर चौड़ी सड़क का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी सामान्य मिली और कहीं भी बड़े स्तर पर जलभराव नहीं पाया गया। हालांकि कुछ स्थानों पर नालियों और पंकटों में सफाई की आवश्यकता सामने आई। इन स्थानों पर पानी रुकने की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही सफाई कराई और जल निकासी को सुचारु कराया।

महाप्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बारिश के दौरान सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पर्याप्त स्टाफ और आवश्यक संसाधनों के साथ लगातार मौजूद रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल निकासी व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही आवश्यक कदम उठाए जाएं।

इसके बाद टीम ने सेक्टर-135 स्थित एचआईजी डुप्लेक्स आवासीय परिसर का भी निरीक्षण किया। वहां आवासीय कल्याण समिति (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधियों के साथ की गई जांच के दौरान भी किसी स्थान पर जलभराव नहीं मिला।

ए.के. अरोड़ा ने मौके पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव नहीं होना चाहिए। यदि किसी इलाके में जलभराव की समस्या सामने आती है तो संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

Expressway Traffic: यमुना पुश्ता रोड की सात दिन में शुरू होगी रिसर्फेसिंग, सेक्टर-94 से एडवंट तक सड़क होगी दुरुस्त

Expressway Traffic: यमुना पुश्ता रोड की सात दिन में शुरू होगी रिसर्फेसिंग, सेक्टर-94 से एडवंट तक सड़क होगी दुरुस्त

नोएडा। नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर बनी यमुना पुश्ता रोड की रिसर्फेसिंग का काम अगले सात दिन में शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए करीब 11 किलोमीटर लंबी चार लेन की सड़क की साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क पर बने गड्ढों से मिट्टी हटाने के साथ किनारे उगी घास और झाड़ियों की भी सफाई कराई जा रही है। सफाई का काम पूरा होते ही सड़क की रिसर्फेसिंग शुरू की जाएगी।

वर्तमान में यमुना पुश्ता रोड सेक्टर-94 से एडवंट तक करीब 11 किलोमीटर लंबी है। नोएडा प्राधिकरण इस सड़क को आगे करीब 10 किलोमीटर तक बढ़ाने की भी तैयारी कर रहा है। सड़क के विकास का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में मौजूदा सड़क की रिसर्फेसिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में सड़क का विस्तार किया जाएगा।

रिसर्फेसिंग पर करीब 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण की ओर से सिंचाई विभाग को करीब 11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। काम की प्रगति के अनुसार बाकी राशि भी जारी की जाएगी।

रिसर्फेसिंग पूरी होने के बाद नोएडा एक्सप्रेसवे के कुछ यातायात को यमुना पुश्ता रोड की ओर डायवर्ट किया जा सकेगा। इससे एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।

दूसरे चरण में एडवंट से सेक्टर-150 तक बढ़ेगी सड़क

योजना के दूसरे चरण में यमुना पुश्ता रोड को एडवंट से करीब 10 किलोमीटर आगे सेक्टर-150 तक बढ़ाया जाएगा। इस मार्ग को एक लूप के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इससे नोएडा एक्सप्रेसवे और कालिंदी कुंज की ओर से आने वाले वे वाहन, जिन्हें यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाना है, सीधे इस वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इस कनेक्टिविटी से नोएडा एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही नोएडा के दक्षिणी हिस्सों में आवागमन को भी बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

सड़क विस्तार पर खर्च होंगे करीब 200 करोड़ रुपये

यमुना पुश्ता रोड के विस्तार और निर्माण पर प्राधिकरण करीब 200 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए राशि सिंचाई विभाग को दी जाएगी। निर्माण शुरू होने से पहले सिंचाई विभाग सड़क का डिजाइन तैयार कर प्राधिकरण को सौंपेगा। डिजाइन को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

Hospital Safety: 300 करोड़ के जिला अस्पताल में फिर गिरी सीलिंग, गायनी ओटी की गैलरी में मलबा बिखरा

Hospital Safety: 300 करोड़ के जिला अस्पताल में फिर गिरी सीलिंग, गायनी ओटी की गैलरी में मलबा बिखरा

नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में शनिवार को एक बार फिर सीलिंग गिरने की घटना सामने आई। इस बार तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के पास बनी गैलरी में अचानक सीलिंग का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। हादसे के समय गैलरी में कोई मरीज, तीमारदार या अस्पताल कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

सीलिंग गिरने के बाद गैलरी में मलबा फैल गया। अस्पताल में मरीजों और कर्मचारियों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में अस्पताल के भीतर सीलिंग गिरने की बार-बार सामने आ रही घटनाओं ने भवन की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, घटना तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग के ऑपरेशन थिएटर के पास बनी गैलरी में हुई। अचानक सीलिंग का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय गैलरी खाली थी और वहां कोई मरीज, तीमारदार या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके चलते किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

बारिश के बाद बढ़ी सीलन, पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

इन दिनों लगातार बारिश के कारण अस्पताल के कई हिस्सों में सीलन की समस्या बनी हुई है। इसी दौरान सीलिंग गिरने की घटना सामने आने के बाद रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिला अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में इससे पहले भी सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं, ऐसे में सीलिंग का कोई भारी हिस्सा भीड़भाड़ वाले स्थान पर गिरने से गंभीर हादसा हो सकता है।

300 करोड़ की लागत से बना अस्पताल, फिर भी सवालों के घेरे में रखरखाव

सेक्टर-39 का जिला अस्पताल करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इतने बड़े बजट से तैयार अस्पताल में बार-बार सीलिंग गिरने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार की घटना के बाद एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और भवन के रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

Cyber Crime: युवक को बंधक बनाकर पिस्टल के बल पर खाते से 1.48 करोड़ रुपये ट्रांसफर, छह पर केस

Cyber Crime: युवक को बंधक बनाकर पिस्टल के बल पर खाते से 1.48 करोड़ रुपये ट्रांसफर, छह पर केस

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में एक व्यक्ति ने अपने भांजे समेत छह लोगों पर बंधक बनाकर मारपीट करने और पिस्टल के बल पर उसके बैंक खाते से करीब 1.48 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद बिसरख कोतवाली पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गाजियाबाद के मुरादनगर निवासी कुलदीप शर्मा के मुताबिक, उनकी ‘जेपी इंटरप्राइजेज’ नाम से फर्म थी। कारोबार बंद होने के बाद उनके भांजे अभिषेक ने जीएसटी दोबारा चालू कर व्यापार शुरू कराने का झांसा दिया। आरोप है कि इसी बहाने अभिषेक ने उन्हें ऑफिस बुलाया और एक बड़े व्यापारी से मुलाकात कराने की बात कहकर गौर सिटी स्थित एक स्टूडियो अपार्टमेंट में ले गया।

कुलदीप का आरोप है कि अपार्टमेंट पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और पिस्टल दिखाकर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने दबाव बनाकर उनके बैंक खाते से करीब 1.48 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। आरोप है कि घटना के बाद उनका बैंक खाता भी फ्रीज करवा दिया गया।

स्थानीय पुलिस से कार्रवाई नहीं होने का आरोप

पीड़ित के मुताबिक, घटना के बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सूरजपुर कोर्ट के आदेश पर बिसरख कोतवाली पुलिस ने शनिवार को आरोपी अभिषेक, आकाश, नितेश, शिवम और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाने, मारपीट और धमकी देने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Kanwar Yatra: कांवड़ियों से पटी नोएडा की सड़कें, हर तरफ गूंज रहा ‘हर-हर महादेव’, 11 अगस्त को जलाभिषेक

Kanwar Yatra: कांवड़ियों से पटी नोएडा की सड़कें, हर तरफ गूंज रहा ‘हर-हर महादेव’, 11 अगस्त को जलाभिषेक

नोएडा। कांवड़ यात्रा के चलते नोएडा की सड़कों पर इन दिनों भोलेनाथ की भक्ति का अलग ही रंग नजर आ रहा है। शनिवार दोपहर प्रमुख कांवड़ मार्गों पर दूर-दूर तक कांवड़िए दिखाई दिए। कोई कंधे पर कलश कांवड़ लेकर पैदल आगे बढ़ रहा है तो कोई खड़ी कांवड़ के साथ भगवान शिव का नाम जपते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। कांवड़ मार्गों पर लगातार ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं।

11 अगस्त को होने वाले जलाभिषेक का दिन नजदीक आने के साथ ही नोएडा से गुजरने वाले कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई कांवड़िए मन्नत पूरी होने के बाद बाबा भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाने के लिए यह कठिन यात्रा कर रहे हैं, जबकि कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पैदल यात्रा पर निकले हैं।

लंबी दूरी तय करने के बावजूद कांवड़ियों के कदम रुक नहीं रहे हैं। रास्ते में बने शिविरों में कुछ देर आराम करने, भोजन और पानी लेने के बाद श्रद्धालु फिर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। कई कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं।

शिविरों में भोजन और विश्राम की व्यवस्था

नोएडा में शनि सिद्ध पीठ समिति की ओर से लगाए गए शिविर में भी बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंच रहे हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और विश्राम समेत विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। हजारों श्रद्धालु शिविर में कुछ समय रुककर आराम करने के बाद फिर अपनी यात्रा पर निकल रहे हैं।

इसके चलते नोएडा से गुजरने वाले कांवड़ मार्गों पर अलग-अलग तरह की कांवड़ और शिवभक्तों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। हर श्रद्धालु के साथ आस्था, संकल्प और मन्नत की अपनी कहानी है।

सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट

कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर जगह-जगह शिविर लगाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु तरीके से जारी रहे।

अब श्रद्धालुओं की नजर 11 अगस्त पर है। इसी दिन शिवालयों में कांवड़िए गंगाजल चढ़ाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। जलाभिषेक का दिन करीब आने के साथ नोएडा की सड़कों पर कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।