Insurance Claim: ज्यादा सवारी होने के आधार पर बीमा कंपनी नहीं कर सकती क्लेम खारिज, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
नोएडा। वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी होने के आधार पर बीमा कंपनी सड़क हादसे में हुए नुकसान का दावा खारिज नहीं कर सकती। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक मामले की सुनवाई करते हुए आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को वाहन मालिक को 4,98,563 रुपये की बीमित राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है।
ग्रेटर नोएडा के स्वर्णनगरी निवासी अशोक कुमार ने टाटा ऐस (एश मिनी) वाहन खरीदा था। वाहन का बीमा 28 अक्टूबर 2016 से 27 अक्टूबर 2017 तक वैध था। बीमा पॉलिसी के तहत वाहन की बीमित राशि 4,98,563 रुपये निर्धारित की गई थी।
22 अगस्त 2017 को एटा में वाहन को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में टाटा ऐस वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मामले की रिपोर्ट मलावन कोतवाली में दर्ज कराई गई। हादसे की जानकारी बीमा कंपनी को देने के बाद वाहन मालिक ने क्लेम प्रस्तुत किया।
बीमा कंपनी ने एक दिसंबर 2017 को दावा खारिज कर दिया। कंपनी की ओर से दावा किया गया कि दुर्घटना के समय वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठी थीं। इसके बाद अशोक कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर बीमा राशि दिलाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने सर्वेयर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वाहन को करीब 14,330 रुपये का नुकसान हुआ था। कंपनी ने यह भी दावा किया कि वाहन में हुई अधिकांश क्षति पुरानी थी और वह दुर्घटना से संबंधित नहीं थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि वाहन दुर्घटना के समय बीमित था और हादसा गलत दिशा से आए ट्रक की टक्कर के कारण हुआ। आयोग ने यह भी माना कि सर्वेयर की रिपोर्ट में वाहन के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की गई है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी होने के आधार पर बीमा दावा पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह वाहन मालिक को 4,98,563 रुपये की बीमित राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर भुगतान करे।


