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Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री की तिरंगा यात्रा में आवास से विधान भवन तक उमड़ा युवाओं का सैलाब

Lucknow News : आजादी के पर्व 15 अगस्त से पहले लखनऊ में रविवार की सुबह राष्ट्रभक्ति का रंग और गहरा होता नजर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। मुख्यमंत्री के साथ हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान पूरे रास्ते मुख्यमंत्री योगी के दाएं व बाएं भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की दो छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लिए कदमताल किया। तिरंगे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते बच्चों और लोगों ने भारत माता की जय व राष्ट्रप्रेम से जुड़े नारों से सबका ध्यानाकर्षित किया। वहीं बच्चों ने ‘हर घर तिरंगा’ फहराने का भी संकल्प लिया। इस तिरंगा यात्रा में 30 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री आवास से जैसे ही तिरंगा यात्रा आगे बढ़ी, राजधानी की सड़कें देशभक्ति के रंग में रंगती चली गईं। हाथों में लहराते तिरंगे, उत्साह से भरे चेहरे और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत माहौल ने यात्रा को भव्य रूप दे दिया। यात्रा के रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इसके स्वागत के लिए खड़े रहे। लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों व छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री आवास से सिविल अस्पताल होते हुए विधानसभा तक सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों में भी तिरंगे को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

छात्रों के जोश ने बढ़ाई तिरंगा यात्रा की भव्यता
‘हर घर तिरंगा’ यात्रा में सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। बच्चों के हाथों में तिरंगा और चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

2 हजार फीट लंबे तिरंगे की मानव शृंखला
राजधानी में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत एक और खास नजारा देखने को मिला। विधानसभा के पास एक निजी डिफेंस एकेडमी संस्थान के बच्चों ने मानव शृंखला बनाकर विधानभवन से हजरतगंज चौराहे तक करीब 2 हजार फीट लंबा तिरंगा फहराया। बड़ी संख्या में बच्चों ने एक साथ खड़े होकर तिरंगा के प्रति सम्मान दिखाया।

तिरंगा के साथ दिखा एकजुटता और राष्ट्रप्रेम का संदेश
‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। लखनऊ में अभियान की शुरुआत के मौके पर निकली तिरंगा यात्रा ने इसी भावना को जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बच्चों, युवाओं और आम लोगों की भागीदारी ने आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।

तिरंगा यात्रा में शामिल बच्चों व लोगों ने बताए अनुभव
तिरंगा यात्रा में शामिल होने आए दसवीं कक्षा के छात्र आर्यन ने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल होकर बहुत गर्व महसूस हुआ। इतने बच्चों को साथ देखकर लगा कि देशभक्ति के प्रति हम सभी बेहद जागरूक हैं। वहीं 11वीं कक्षा की छात्रा अनन्या ने कहा कि हाथ में तिरंगा लेकर चलना मेरे लिए खास अनुभव रहा। मुख्यमंत्री के साथ यात्रा में शामिल होकर देश के प्रति सम्मान और बढ़ा।

स्नातक की छात्रा साक्षी ने कहा कि तिरंगा यात्रा ने युवाओं में राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत की है। लखनऊ में हजारों लोगों को एकजुट देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ। लखनऊ में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे छात्र विवेक ने कहा कि तिरंगा हमारे लिए केवल झंडा नहीं, आन-बान और शान है। इस तिरंगा यात्रा ने मेरे सेना में जाने के संकल्प को और भी मजबूत कर दिया है। हाथ में तिरंगा लिए विधानसभा की ओर बढ़ रहीं कविता सिंह ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ इस यात्रा में शामिल हुईं हैं। बच्चों को राष्ट्रप्रेम सिखाने और दिखाने का यह अवसर उनके परिवार के लिए बेहद खास रहा।

Uttar Pradesh : विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है तिरंगा- मुख्यमंत्री

Lucknow News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, कलाकारों समेत प्रदेशवासियों संग मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकाली। मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराते बच्चों के साथ सेल्फी ली और उनकी हौसलाअफजाई की। शुभारंभ स्थल पर वंदे मातरम का सामूहिक गान किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वाधीनता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए अपील की कि इससे पहले हर घर में तिरंगा फहराएं। मुख्यमंत्री ने तिरंगा को सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पूरे देश में आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भारत की आजादी और स्वतंत्र भारत में देश की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों, सैनिकों व संविधान निर्माताओं राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब भीमराव आंबडेकर, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल आदि को भी याद किया।

यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में और यहां के प्रतीकों को अपमानित करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा सादगी, विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रतीकों के प्रति सर्वोच्च सम्मान बनाए रखने के लिए राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को संज्ञेय अपराध की सूची में रखते हुए दंडित करने का निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि अब यह नहीं हो सकता कि रहेंगे भारत में लेकिन भारत के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत को अपमानित करेंगे।

राष्ट्र प्रथम का मंत्र हर युवा के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश में वंदे मातरम का गान हो रहा है। आज काकोरी ट्रेन एक्शन का 101वां पर्व भी है। 1925 में आज के ही दिन पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां ने काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम देकर ब्रिटिशरों की चूलों को हिलाया था। यह तिरंगा यात्रा हुतात्माओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने और पीएम मोदी के राष्ट्र प्रथम के मंत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। यह मंत्र भारत के हर युवा के लिए प्रेरणा है।

देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जा का प्रतीक है और वह देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है। युवा ऊर्जा को आगे बढ़ने के लिए उचित प्लेटफॉर्म हो, वह परंपरागत पाठ्यक्रम के साथ-साथ देश और समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर सके। इस भाव के साथ दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूरे देश में तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है।

बलिदानी क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे तिरंगा यात्रा में शामिल 25-30 हजार युवा
तिरंगा यात्रा में युवाओं की उपस्थिति से गद्गद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के संकल्प को लेकर जिन हुतात्माताओं ने राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया, लखनऊ में 25-30 हजार युवा इस तिरंगा यात्रा में सहभागी बनकर उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं। यह अपार ऊर्जा राष्ट्रभक्ति के प्रति बलिदान होने वाले क्रांतिकारियों व स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के प्रति हमारी कृतज्ञता है।

कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम
सीएम ने कहा कि राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान व राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति जो कार्य 1947 के तत्काल बाद होना चाहिए, उसे 75 वर्ष क्यों लगे क्योंकि कुछ लोगों के लिए सत्ता सर्वोपरि थी, लेकिन पीएम मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। उन्होंने भारत के प्रतीकों, युवाओं, गरीबों, आधी आबादी, किसानों के लिए नई योजनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए उचित मंच देकर आदर्श प्रस्तुत किया है। यह तिरंगा यात्रा उसी आदर्श की अभिव्यक्ति है।

आप भी अपने घरों पर फहराएं तिरंगा
सीएम ने कहाकि तिरंगा के प्रति सम्मान हो, इसके लिए पीएम मोदी ने उसके कोड में संशोधन करके अनिवार्य कर दिया है कि अब आप अपने घर में भी इसे फहरा सकते हैं। कांग्रेस के समय इसके लिए न्यायालय में शरण लेकर लड़ाई लड़नी पड़ती थी तब लोग तिरंगा को घर में लगा पाते थे, लेकिन पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को आजादी दी कि भारत के आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगा को आप भी घर पर लगाएं।

राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का दिखा अद्भुत संगम
मुख्यमंत्री ने वंदे मातरम व भारत मां की जय के उद्घोष के साथ ही अनुशासन पूर्वक विधान भवन तक तिरंगा यात्रा निकलने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के आह्वान पर पूरे रास्ते में राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का अद्भुत संगम दिखा। मुख्यमंत्री हाथों में तिरंगा लिए नन्हे-मुन्नों के साथ ही संगठन व सरकार के शीर्षस्थ लोगों संग राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत देशभक्ति गीतों के बीच 5 कालिदास मार्ग से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। विधान भवन के सामने मुख्यमंत्री ने गुब्बारा उड़ाकर यात्रा को पूर्णता प्रदान की।

इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, संजय सेठ, विधायक नीरज बोरा, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

Uttar Pradesh : शिक्षा भारती की अध्यक्ष स्वाति गर्ग को मिला ‘दिल्ली गौरव अवॉर्ड 2026’

Hapur News : बालिका शिक्षा, समाज सेवा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शिक्षा भारती की अध्यक्ष श्रीमती स्वाति गर्ग को प्रतिष्ठित ‘दिल्ली गौरव अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने प्रदान किया।

सम्मान समारोह का आयोजन रविवार को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय, नई दिल्ली के सभागार में संस्कृति युवा संस्था की ओर से किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

श्रीमती स्वाति गर्ग पिछले तीन दशकों से अधिक समय से बालिका शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़ी हुई हैं। शिक्षा भारती के माध्यम से बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ जनजातीय बालिकाओं के लिए छात्रावास, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

सम्मान मिलने के बाद स्वाति गर्ग ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि शिक्षा भारती परिवार से जुड़े शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्राओं, अभिभावकों और शुभचिंतकों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज और विशेष रूप से बालिकाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। शिक्षा के माध्यम से ही बालिकाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनाया जा सकता है। स्वाति गर्ग ने कहा कि शिक्षा भारती का उद्देश्य प्रत्येक बालिका को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उसे अपने सपनों को पूरा करने में सक्षम बनाना है।

Uttar Pradesh : श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन तेज, संतों ने 6 दिसंबर को कारसेवा का किया ऐलान, प्रशासन अलर्ट

Mathura : श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर साधु-संतों ने रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पहले 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। रविवार को चित्रगुप्त पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने साधु-संतों की उपस्थिति में शंख, घंटे और घड़ियाल की ध्वनि के बीच आगामी 6 दिसंबर को मथुरा में भव्य कारसेवा करने का आधिकारिक ऐलान किया।

स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि 6 दिसंबर की कारसेवा से पहले वे देश भर का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे विभिन्न अखाड़ा परिषदों के अध्यक्षों, महंतों और महामंडलेश्वरों से मुलाकात कर उन्हें मथुरा पहुंचकर कारसेवा में शामिल होने का निमंत्रण देंगे।

उन्होंने न्यायालय से आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर जी को विशेष भोग लगाने की अनुमति देने की मांग भी की। साथ ही वर्शिप एक्ट को तत्काल समाप्त करने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग दोहराई।

चित्रगुप्त पीठाधीश्वर ने बताया कि 9 अगस्त को अयोध्या की तर्ज पर कारसेवा की घोषणा की गई थी, लेकिन वर्तमान में चल रही कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं और स्थानीय प्रशासन से हुई सकारात्मक वार्ता के बाद अखाड़ा परिषद व वरिष्ठ संतों की सहमति से इसे 6 दिसंबर तक टालने का निर्णय लिया गया।

रविवार सुबह छटीकरा-गोवर्धन मार्ग स्थित जुल्हेदी चित्रगुप्त आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर विशेष हवन-पूजन किया गया। स्वामी जी ने कहा कि आश्रम में यह हवन-पूजन तब तक प्रतिदिन जारी रहेगा जब तक बाल गोपाल श्रीकृष्ण अपने मूल गर्भगृह में पूर्ण सम्मान के साथ विराजमान नहीं हो जाते।

कारसेवा की पूर्व घोषणा के चलते पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। रविवार सुबह कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुख्य द्वार पर एकत्र होने लगे थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।

Uttar Pradesh : हापुड़ में डीएम-एसपी ने हेलीकॉप्टर से बरसाए फूल, कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

Hapur News : सावन माह में जनपद में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने शनिवार को हेलीकॉप्टर से जनपद की सीमा में स्थित कांवड़ मार्ग का हवाई निरीक्षण किया। इसी दौरान प्रशासन की ओर से कांवड़ियों और शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।

बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम छपकौली में स्थित प्राचीन शिव मंदिर और ब्रजघाट स्थित गंगा घाट पर जैसे ही हेलीकॉप्टर से फूलों की पंखुड़ियां बरसीं, श्रद्धालुओं का जोश बढ़ गया। पूरे क्षेत्र में ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजने लगे। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य को जा रहे शिवभक्तों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की।

हवाई सर्वेक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने कांवड़ मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए विश्राम शिविरों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मार्गभर में व्यापक सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए गए हैं।

जिला प्रशासन की इस पहल से श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। कांवड़ियों का कहना था कि पुष्प वर्षा और हवाई निगरानी से यात्रा के दौरान सुरक्षा का भरोसा मिला और यात्रा और अधिक यादगार बन गई।

Uttar Pradesh : बुलंदशहर में जमीन के विवाद में छोटे भाई ने चाकूओं से गोदकर की बड़े भाई की हत्या, 3 घंटे में गिरफ्तार

Bulandshahar News (अवनीश त्यागी) : जनपद के छतारी थाना क्षेत्र के नारऊ गांव में जमीन के पुराने विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे की है। पुलिस ने तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपी भाई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।

नारऊ गांव निवासी आनंदस्वरूप उम्र 64 वर्ष शुक्रवार रात घर के बरामदे में सो रहे थे। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला चचेरा भाई अभिषेक शर्मा और उसका एक दोस्त दीवार फांदकर घर में घुसे और सो रहे आनंदस्वरूप पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपियों ने उनके सीने, पीठ और गले पर करीब 15 वार किए। गंभीर रूप से घायल आनंदस्वरूप की चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलने पर छतारी थाना पुलिस, एसपी देहात अंतरिक्ष जैन और सीओ डिबाई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। पुलिस को घटनास्थल से एक तमंचा भी बरामद हुआ। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आनंदस्वरूप और उनके चचेरे भाई के बीच 12 बीघा पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर पिछले करीब 10 साल से विवाद चला आ रहा था। इसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई। मृतक के परिजनों ने चचेरे भाई के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी।

एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि पुलिस की तीन टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह आरोपी चचेरे भाई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला है जिसमें वारदात के बाद दोनों आरोपी भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Uttar Pradesh : अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने हापुड़ में किया कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन, गूंजे ‘बम-बम भोले’ के जयकारे

Hapur News (सौरभ) : ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ अखिल भारतीय हिंदू महासभा द्वारा हापुड़ में कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन किया गया। शिविर में कांवड़ियों के लिए शुद्ध भोजन, दवाइयां और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है।

शिविर में महामंडलेश्वर भगवती पुरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय नारायण भट्ट, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष इंदु सोलंकी, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह, दीपक सिंह, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष नीतू यादव और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय संयोजक ने सहभागिता की। हापुड़ के कार्यकर्ताओं ने सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा अंकित यादव, जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव युवा मोर्चा रवि चौधरी, सुमित, सुरेंद्र त्यागी, विशाल सभासद, पूर्व सभासद अजय कस्तूरी, संजय शर्मा, जिला संगठन मंत्री श्योदान सिंह, अभिषेक, हर्ष, अनिल सैनी और शाहिद सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त मौजूद रहे।

आयोजकों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना ही उनका उद्देश्य है। शिविर में आने वाले कांवड़ियों के स्वास्थ्य, भोजन और आराम का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

Punjab : पंजाब पुलिस के ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान ने संगठित अपराध के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई के 200 दिन पूरे किए

Mohali/Chandigarh : पंजाब पुलिस का प्रमुख एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य में चलाए जा रहे सबसे व्यापक और निरंतर अभियानों में से एक के रूप में उभरते हुए अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारियाँ कीं, 1,532 घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) को गिरफ़्तार किया, 58,212 अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की, भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक ख़ुफ़िया सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जाँच तथा तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।

इस अवसर पर, डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो केवल गैंगस्टरों ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, “‘गैंगस्टरां ते वार’ के पहले 200 दिनों ने निरंतर और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। हमारी रणनीति केवल गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को सक्षम बनाने वाले पूरे नेटवर्क—सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों—को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या बाहर कहीं भी संचालित होने वाले गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे।”

इन 200 दिनों के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों (पीओ) को गिरफ़्तार किया गया, जबकि 58,212 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 27,624 वांछित अपराधी शामिल थे; वहीं 18,514 व्यक्तियों का वेरिफिकेशन कर उन्हें बाद में रिहा किया गया, जिनमें 1,529 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्ति अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए जिनमें 2,959 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।

गिरफ़्तारियों के अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, मादक पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद व्यवस्था तक पहुँच को समाप्त कर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमज़ोर करना भी रहा।

इस अभियान ने संगठित अपराध गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया।अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिससे आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया गया।

साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी तथा 26,91,455 नशीली गोलियाँ बरामद कीं। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये नकद तथा 413.85 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया, जिससे संगठित अपराध और मादक पदार्थों के कारोबार को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर प्रभावी प्रहार हुआ।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस प्रमोद बान ने कहा कि अब अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा, “आज का संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालकों के माध्यम से संचालित होता है। इसी कारण हमारी जाँच में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय शामिल है। इसी रणनीति के कारण पंजाब पुलिस रंगदारी गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने तथा वांछित अपराधियों के निर्वासन (डीपोर्टेशन) और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सफल रही है। साथ ही यह अभियान युवाओं को यह संदेश भी देता है कि गैंगस्टर संस्कृति का तथाकथित आकर्षण केवल एक भ्रम है, जिसका अंत अपराध और विनाश में होता है।”

अभियान को पड़ोसी राज्यों तथा केंद्रीय जाँच एवं ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान और संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त अभियानों को गति मिली।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में से एक फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोज़पुर, को मध्य एशिया से तथा गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओएफटीईसी पंजाब तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इससे यह सिद्ध हुआ कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर भी वांछित अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने में सक्षम है।

गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें तथा 926 पेटियाँ बरामद कर नष्ट की गईं। इसके अलावा अपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी ज़ब्त किए गए। इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढाँचे को कमज़ोर करने, संगठित अपराध के नेटवर्क को बाधित करने और पूरे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय और गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं। इस पहल के ज़रिए लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गोपनीय रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा कर सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ़्तार करने में मदद मिलेगी।

जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है, जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा तथा उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के विरुद्ध ख़ुफ़िया-आधारित अभियानों को और अधिक मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

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Punjab : मोहाली से ‘हमारे राम’ नाट्य मंचन का आगाज, पंजाब में 41 शो कराएगी भगवंत मान सरकार

Mohali/Chandigarh : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शुक्रवार को मोहाली में प्रसिद्ध नाटक ‘हमारे राम’ के पहले शो में दर्शकों के साथ शामिल हुए। इस नाटक में मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा ने मुख्य भूमिका में दमदार अभिनय पेश किया। यह शो राज्य स्तरीय सांस्कृतिक अभियान की शुरुआत है, जिसके तहत पंजाब सरकार द्वारा अगस्त और सितंबर माह के दौरान 12 शहरों में 41 निःशुल्क शो करवाए जाएंगे। इस प्रयास को भगवान श्री राम के शाश्वत उपदेशों को जनता तक पहुँचाने का प्रयास बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य थिएटर के प्रभावशाली माध्यम से सत्य, धर्म, दया और एकता का संदेश फैलाने के साथ-साथ सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करना है।

पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शो पूरी तरह से निःशुल्क रखे गए हैं ताकि समाज के हर वर्ग के लोग भगवान श्री राम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा ले सकें।

पहले शो के दौरान दर्शकों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए अगस्त और सितंबर के दौरान राज्य के 12 शहरों में इस प्रसिद्ध नाटक के 41 शो करवाए जा रहे हैं।”

इस प्रयास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब एक पवित्र और ऐतिहासिक धरती है और राज्य सरकार इसकी शानदार विरासत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब सरकार ‘हमारे राम’ शो का आयोजन कर रही है, जो भगवान श्री राम के शाश्वत उपदेशों और आदर्शों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से पेश करता है। इस नाटक की खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा इस शो के मुख्य आकर्षण हैं, जिनकी दमदार अभिनय इस शो के आकर्षण को और बढ़ाती है।”

राज्य स्तरीय अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा अगस्त और सितंबर के महीनों के दौरान ‘हमारे राम’ के 41 शो करवाए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आज मोहाली से हुई है। ये शो पंजाब के 12 शहरों – मोहाली, बठिंडा, जालंधर, फिरोजपुर, होशियारपुर, अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, पटियाला, लुधियाना, संगरूर और खन्ना तथा अन्य शहरों में करवाए जाएंगे। इस प्रयास के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।”

इस नाटक के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार रामायण के ऐतिहासिक महाकाव्य के माध्यम से सनातन धर्म के शाश्वत संदेश को जनता तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नाटक ‘हमारे राम’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, खासकर युवा पीढ़ी द्वारा भरपूर समर्थन मिला है। यह शो रामायण को अनोखे और अनछुए पहलुओं से पेश करता है, जिससे दर्शकों को एक नया और ज्ञानवर्धक अनुभव मिलता है।”

कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्य उद्देश्य विश्व स्तरीय थिएटर के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक विरासत को बढ़ावा देकर युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है। मुझे उम्मीद है कि यह अनोखा प्रयास सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करने और समाज में सत्य, धर्म, दया और एकता के संदेश को और मजबूत करने में मदद करेगा। ये शो जनता तक भगवान श्री राम के सत्य, धर्म, दया और सद्भावना के आदर्शों को पहुँचाने का सबसे प्रभावशाली माध्यम हैं।”

वर्तमान समय में भगवान श्री राम के उपदेशों की प्रासंगिकता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज के दौर में, जहाँ प्यार, आपसी सम्मान और सामाजिक सद्भावना को लगातार चुनौतियाँ मिल रही हैं, भगवान श्री राम के उपदेश मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। ये उपदेश सामाजिक साझेदारी और सांप्रदायिक सद्भावना को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। यह कार्यक्रम न केवल हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को उजागर करेगा, बल्कि थिएटर और कला के प्रभावशाली माध्यम से युवाओं को प्रेरित भी करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि ऐसे कार्यक्रम सनातन धर्म की शिक्षाओं को लोगों के करीब लाएँ और युवा पीढ़ी को इन शाश्वत मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।”

सरकार के ऐसे अन्य सांस्कृतिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इससे पहले हमारी सरकार ने राज्य के सभी जिलों में ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन भी किया था, जिसे जनता से भरपूर समर्थन मिला था। सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है, जो सभी समुदायों की आध्यात्मिक विरासत का सम्मान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने पंजाब के लोगों के लिए शाश्वत शांति, सांप्रदायिक सद्भावना, एकता, प्रगति और समृद्धि की कामना भी की।

कलाकारों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, “मैं 150 कलाकारों की पूरी टीम का पंजाब की इस पवित्र और महान धरती पर हार्दिक स्वागत करता हूँ। यह बहुत खुशी की बात है कि सभी धर्मों के लोग इस आयोजन में एक साथ भाग ले रहे हैं, जो एकता और सद्भावना की भावना को दर्शाता है। आने वाली पीढ़ियों को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े रहना चाहिए और इसके बारे में जागरूक होना चाहिए।

सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में वृद्धि की है, जो हमारी शानदार विरासत को संरक्षित करने और विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पंजाबियों ने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई है और अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित करना, बढ़ावा देना और इसका जश्न मनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। भविष्य की पीढ़ियों को हमारी समृद्ध विरासत से अवगत कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।” इस अवसर पर पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने भी संबोधित किया।

भगवान श्री राम की शाश्वत विरासत को शानदार नाट्य श्रद्धांजलि

‘हमारे राम’ महान महाकाव्य रामायण पर आधारित एक बड़े स्तर का नाटक है, जो वाल्मीकि रामायण के आध्यात्मिक तत्व से जुड़े भगवान श्री राम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक नाट्य रूप में पेश करता है। गौरव भारद्वाज द्वारा निर्देशित और फेलिसिटी थिएटर द्वारा निर्मित इस नाटक में मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा रावण की भूमिका में हैं, जिनके साथ कई अन्य प्रमुख कलाकार शामिल हैं। यह नाटक एक आध्यात्मिक अनुभव सृजित करने के लिए शानदार कहानी, बड़े सेट, प्रभावशाली एलईडी विज़ुअल्स, मूल संगीत, कोरियोग्राफी, पारंपरिक वेशभूषा और विशेष प्रभावों का सम्मिश्रण प्रस्तुत करता है। वर्ष 2024 में अपनी शुरुआत के बाद से, ‘हमारे राम’ के भारत और विदेशों में सैकड़ों शो किए जा चुके हैं। इस नाटक ने रामायण के कम ज्ञात पहलुओं को पेश करने और सत्य, धर्म, दया और भलाई के शाश्वत मूल्यों को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रशंसा अर्जित की है।

दिलकश अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया

मोहाली में हुए पहले शो ने शुरुआती दृश्य से लेकर अंतिम पर्दे तक खचाखच भरे ऑडिटोरियम को बाँधे रखा और दर्शक पूरे नाटक के दौरान लीन रहे। दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद, रूहानी संगीत, शानदार विज़ुअल्स और विश्व स्तरीय स्टेज कला के संयोजन ने एक बहुत ही भावुक और आध्यात्मिक माहौल सृजित किया। आशुतोष राणा द्वारा रावण के निभाए गए दमदार किरदार ने खूब तालियाँ बटोरीं, जबकि बाकी कलाकारों ने भी महाकाव्य के हर किरदार को पूरी शिद्दत के साथ जीवंत किया। नाटक की भावनात्मक गहराई, श्रद्धापूर्ण माहौल और कलात्मक उत्कृष्टता ने दर्शकों के दिलों को छू लिया, जिससे यह शाम भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का यादगार अवसर बन गई।

Uttarakhand : अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना

Dehradun : भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखण्ड में आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता के चलते कई जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने 09 अगस्त को बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं चमोली तथा 10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल एवं चम्पावत जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 09 अगस्त को राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों में भी गरज के साथ तेज वर्षा एवं आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। वहीं देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल एवं चम्पावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल एवं चम्पावत में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना के साथ गरज-चमक एवं अत्यंत तीव्र वर्षा की आशंका है। राज्य के अन्य जनपदों में भी कहीं-कहीं तेज वर्षा, गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली की संभावना बनी रहेगी। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ एवं ऊधमसिंहनगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी संबंधित जिलों को आवश्यक सावधानियां बरतने तथा 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के साथ ही सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौसम की इस अवधि में मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करने, आवश्यक सुरक्षा उपकरण अपने साथ रखने तथा किसी भी आपदा की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, गदेरे एवं बरसाती नालों के आसपास जाने से बचें तथा जलभराव वाले स्थानों और कमजोर पुलों को पार करने का प्रयास न करें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन एवं पत्थर गिरने की आशंका वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें और मौसम खराब होने पर यात्रा को यथासंभव स्थगित करें।