Noida Yamuna City: सोसाइटियों में कूड़े का अंबार, सफाई और पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह बदहाल

Noida Yamuna City: सोसाइटियों में कूड़े का अंबार, सफाई और पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह बदहाल
नोएडा के यमुना सिटी क्षेत्र की विभिन्न सोसाइटियों में इन दिनों सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। जगह-जगह कूड़े के ढेर, बेसमेंट में जमा मलवा और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण निवासी गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि गंदगी और बदबू से लोगों का रहना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता, जिससे सोसाइटी परिसर में सड़ांध फैल जाती है। इसके चलते मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो बीमारियों को न्योता दे रही है। लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।
गौड़ यमुना सिटी सोसाइटी में हालात और भी खराब बताए जा रहे हैं। यहां बेसमेंट और पार्किंग क्षेत्रों में कई दिनों से मलवा जमा है, जिससे वाहनों को खड़ा करने में भारी दिक्कत हो रही है। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण वाहन इधर-उधर खड़े किए जा रहे हैं, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई है।
निवासियों का आरोप है कि कूड़ेदान की व्यवस्था होने के बावजूद कई जगहों पर लोग और सफाई कर्मचारी कचरे को सीधे पार्किंग में ही फेंक देते हैं। इससे पार्किंग क्षेत्र ही कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है, जो न केवल बदबू फैलाता है बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ाता है।
यमुना सिटी के सेक्टर 22-डी स्थित सोसाइटी में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। यहां नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है और कूड़ा उठाने में भी लापरवाही बरती जा रही है। नतीजतन, सोसाइटी के कई हिस्सों में गंदगी का अंबार लग गया है और बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और सोसाइटी प्रबंधन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नियमित कूड़ा उठान, नालियों की सफाई और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि सोसाइटी में रहने वाले लोगों को राहत मिल सके।





