Noida Violence Case: मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत कई आरोपी रिमांड पर, SIT जांच तेज, 42 हजार लोगों की भागीदारी और साजिश के नए खुलासे

Noida Violence Case: मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत कई आरोपी रिमांड पर, SIT जांच तेज, 42 हजार लोगों की भागीदारी और साजिश के नए खुलासे
नोएडा में 13 अप्रैल को श्रमिकों के वेतन वृद्धि को लेकर हुए हिंसक आंदोलन मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) लगातार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।
इस मामले में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद की पुलिस कस्टडी रिमांड को लेकर अदालत में अर्जी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई 24 अप्रैल को होगी। पुलिस का कहना है कि रिमांड मिलने के बाद मामले से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।
फिलहाल रूपेश राय, मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
अपर पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव नारायण मिश्र के अनुसार इस पूरे मामले की जांच के लिए 10 वरिष्ठ अधिकारियों की SIT गठित की गई है, जो सीधे पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंप रही है।
जांच में सामने आया है कि “मजदूर बिगुल” नामक संगठन सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए श्रमिकों को भड़काने का काम कर रहा था। पुलिस को ऐसे कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनसे इस साजिश के संकेत मिलते हैं।
सबसे गंभीर खुलासा यह है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं को सीसीटीवी कैमरों को ढकने और निष्क्रिय करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था, ताकि हिंसा की पहचान छिपाई जा सके।
पुलिस के अनुसार इस हिंसक प्रदर्शन में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 83 स्थानों पर लगभग 42 हजार लोग शामिल हुए थे। अब तक इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 2000 से अधिक अज्ञात लोग भी शामिल हैं।
अब तक पुलिस ने 62 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 35 लोग बाहरी राज्यों से हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इस प्रदर्शन को सुनियोजित तरीके से हिंसक रूप देने और औद्योगिक गतिविधियों को बाधित करने की साजिश रची गई थी।
पुलिस को कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और मैसेज भी मिले हैं, जिनमें हिंसा और गोली चलाने जैसी बातों का उल्लेख है। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए मोबाइल और लैपटॉप से डेटा रिकवरी की जा रही है।
दो संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच चल रही है, जिनके विदेश से संचालित होने की आशंका जताई गई है।
फिलहाल SIT पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।





