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Noida Sector 150 CCTV: युवराज हादसे के बाद बड़ा फैसला, नोएडा सेक्टर-150 में लगेंगे हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे

Noida Sector 150 CCTV: युवराज हादसे के बाद बड़ा फैसला, नोएडा सेक्टर-150 में लगेंगे हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे

नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। 16 जनवरी को हुए हादसे में युवराज की मौत के बाद अब प्राधिकरण ने सेक्टर-150 की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है। ये कैमरे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ISTMS के तहत लगाए जाएंगे, जिससे पूरे इलाके की लाइव मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।

प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर-150 के ब्लैक स्पॉट, मुख्य सड़क और सोसाइटियों के बाहर की सड़कों पर हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे। इन सभी कैमरों की निगरानी सेक्टर-94 स्थित कमांड कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसका उद्देश्य सड़क हादसों पर नजर रखना, ट्रैफिक मूवमेंट को मॉनिटर करना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

हाल ही में नोएडा प्राधिकरण ने शहर में कुल 65 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए थे। इनमें से 15 ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य प्राधिकरण खुद कर रहा है, जबकि 50 स्थानों पर संबंधित डेवलपर्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेक्टर-150 में जिस स्थान पर युवराज का हादसा हुआ था, वहां पहले ही क्रैश बैरियर लगाए जा चुके हैं। अब सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

प्राधिकरण की ओर से बताया गया है कि फिलहाल एक सर्वे कराया जा रहा है, जिससे यह तय किया जा सके कि सेक्टर-150 में कितने कैमरों की आवश्यकता है और उन्हें किन-किन स्थानों पर लगाया जाना चाहिए। सर्वे पूरा होने के बाद कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि सेक्टर-150 में मौजूद एक ब्लैक स्पॉट के कारण युवराज की कार करीब 70 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई थी, जहां पानी भरने के कारण उसकी डूबने से मौत हो गई थी। इस हादसे ने प्रशासन और प्राधिकरण की लापरवाही को उजागर किया था, जिसके बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

सेक्टर-150 में करीब 12 बड़ी सोसाइटियां हैं, जहां 10 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। ऐसे में सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगने से न केवल हादसों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई भी संभव हो पाएगी। प्राधिकरण का दावा है कि यह कदम सेक्टर-150 समेत अन्य ब्लैक स्पॉट इलाकों में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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