Noida School Fee Rules: फीस बढ़ोतरी पर सख्ती, 7.23% से ज्यादा वृद्धि पर जुर्माना और मान्यता रद्द होने का खतरा

Noida School Fee Rules: फीस बढ़ोतरी पर सख्ती, 7.23% से ज्यादा वृद्धि पर जुर्माना और मान्यता रद्द होने का खतरा

नोएडा में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूल फीस बढ़ोतरी और अन्य शैक्षणिक खर्चों को लेकर अभिभावकों की शिकायतें सामने आने लगी हैं। इस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय किया गया कि स्कूल केवल तय सीमा के भीतर ही फीस बढ़ा सकेंगे।

प्रशासन के अनुसार उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के तहत स्कूल अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि कर सकते हैं। यह सीमा पिछले सत्र की फीस पर सीपीआई + 5 प्रतिशत के आधार पर तय की गई है। इससे अधिक वृद्धि पाए जाने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान भी तय किया गया है। पहली बार शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दूसरी बार उल्लंघन करने पर यह जुर्माना पांच लाख रुपये तक बढ़ जाएगा और तीसरी बार नियम तोड़ने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल द्वारा छात्रों या अभिभावकों को किताबें, ड्रेस, जूते या मोजे किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। सभी स्कूलों को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही फीस वृद्धि की जानकारी स्कूलों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक करनी होगी।

बैठक में स्विमिंग पूल संचालन को लेकर भी सख्त नियम तय किए गए हैं। किसी भी स्कूल में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति, एनओसी और वार्षिक रजिस्ट्रेशन के स्विमिंग पूल का संचालन नहीं किया जा सकेगा। जिन स्कूलों में अनुमति है, वहां छात्रों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षकों की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा, जिसमें बालकों के लिए पुरुष और बालिकाओं के लिए महिला कोच की नियुक्ति जरूरी होगी।

इसके अलावा यह भी निर्देश दिया गया है कि स्कूल हर पांच वर्षों से पहले अपनी यूनिफॉर्म में कोई बदलाव नहीं कर सकते। यदि कोई परिवर्तन करना हो तो इसके लिए जिला शुल्क नियामक समिति की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि स्कूल हर साल किताबें बदलने की प्रथा बंद करें, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए अभिभावक जिला शुल्क नियामक समिति की ई-मेल आईडी feecommitteegbn@gmail.com पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इन सख्त नियमों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव को कम करना है।

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