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Real Estate Fraud Noida: एक ही प्लॉट दो लोगों को बेचने का आरोप, 51 लाख की ठगी का मामला दर्ज

Real Estate Fraud Noida: एक ही प्लॉट दो लोगों को बेचने का आरोप, 51 लाख की ठगी का मामला दर्ज

नोएडा। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परियोजना के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि बिल्डर कंपनी ने एक ही प्लॉट दो अलग-अलग लोगों को बेच दिया और पीड़ित से 51.18 लाख रुपये वसूल लिए। कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने संबंधित बिल्डर और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांव वैदपुरा निवासी ललित नागर ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 17 मार्च 2023 को एमेटेक स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स परियोजना में 151 वर्ग मीटर का प्लॉट बुक कराया था। यह बुकिंग दीपक अरोड़ा, नितिश अरोड़ा और गोविंद बिष्ट, जो एमेटेक बिल्डटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सेल्स हेड बताए गए हैं, की ओर से कराई गई थी। बुकिंग के समय पीड़ित से कुल कीमत का 10 प्रतिशत अग्रिम भुगतान लिया गया था।

इसके बाद कंपनी की ओर से निर्धारित किश्तों के अनुसार भुगतान करने को कहा गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने मार्च 2023 से अक्तूबर 2024 के बीच आरटीजीएस और चेक के माध्यम से कुल 51,18,137 रुपये कंपनी के खाते में जमा कराए। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी हैं और प्लॉट का आवंटन सुरक्षित है।

मामले में तब नया मोड़ आया जब बिल्डर-बायर एसोसिएशन के माध्यम से पीड़ित को पता चला कि जिस प्लॉट का आवंटन उन्हें किया गया है, वह पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेचा जा चुका था। आरोप है कि उसी प्लॉट को दोबारा उनके नाम पर आवंटित कर दिया गया। इस जानकारी के बाद 11 नवंबर 2024 को पीड़ित ने बिल्डर को ई-मेल के जरिए संपर्क किया।

22 नवंबर 2024 को कंपनी की ओर से जवाब दिया गया कि पूर्व आवंटन को कानूनी रूप से निरस्त कर दिया गया है और अब प्लॉट उन्हें वैध रूप से आवंटित है। हालांकि इस बीच एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा), लखनऊ में शिखा गोस्वामी द्वारा दायर एक प्रकरण में 5 नवंबर 2024 को संबंधित प्लॉट पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया गया था।

इस आदेश से पीड़ित को संदेह हुआ कि प्लॉट पहले से ही विवादित था और उन्हें यह तथ्य छिपाकर रकम वसूली गई। उनका आरोप है कि बिल्डर ने पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज और भ्रामक जानकारी देकर उनकी गाढ़ी कमाई हड़प ली।

पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। भुगतान से संबंधित बैंक रिकॉर्ड, आवंटन दस्तावेज और रेरा आदेश की प्रतियां खंगाली जा रही हैं। दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र में रियल एस्टेट परियोजनाओं में धोखाधड़ी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में यह मामला एक बार फिर निवेशकों के लिए चेतावनी है कि किसी भी परियोजना में निवेश से पहले दस्तावेजों की गहन जांच और रेरा पंजीकरण की पुष्टि अवश्य करें।

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