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Noida Police: नोएडा में बड़ा खुलासा, पश्चिम बंगाल से गांजा लाकर एनसीआर में खपाने वाले पांच तस्कर गिरफ्तार

Noida Police: नोएडा में बड़ा खुलासा, पश्चिम बंगाल से गांजा लाकर एनसीआर में खपाने वाले पांच तस्कर गिरफ्तार

 फेज-2 पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 किलो गांजा और 38 हजार रुपये बरामद
नोएडा। फेज-2 थाना पुलिस ने मंगलवार को एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया जो पश्चिम बंगाल से सस्ते दामों पर गांजा लाकर एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 11 किलो गांजा तथा बिक्री से अर्जित 38 हजार रुपये नकद बरामद किए। सेंट्रल नोएडा जोन की एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम पिछले कुछ दिनों से इन तस्करों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जांच के दौरान पुलिस ने सेक्टर-81 स्थित भूडा तिराहा के पास चेकिंग अभियान चलाया और पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें गिरोह का पर्दाफाश हो गया।

एक लाख रुपये मूल्य का गांजा जब्त, गिरोह का नेटवर्क एनसीआर में फैला
पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की बाजार में कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मैनपुरी के कुमरपुर निवासी संतोष गुप्ता, बुलंदशहर के जाहिदपुर कला गांव निवासी शौकीन, हरतौली गांव निवासी अफसर, दिल्ली के ताजपुर गांव निवासी सोनू और बदायूं के सैफुल्लागंज निवासी मो. इरफान के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। वे पश्चिम बंगाल से सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर बैग में लादकर लाते हैं ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। इसके बाद एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में घूमकर ऊंचे दामों पर गांजा बेचकर मुनाफा कमाते हैं।

 दिन में ऑटो चलाते, रात में गांजा तस्करी करते
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिन में ऑटो चालक के रूप में काम करते हैं ताकि अपनी गैरकानूनी गतिविधियों को छिपा सकें। रात के समय ये ऑटो चलाने के बहाने अलग-अलग इलाकों में जाकर गांजे की डिलीवरी करते हैं। पकड़े जाने के डर से वे आपसी संपर्क के लिए केवल व्हाट्सऐप कॉल का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन ट्रैक न कर सके।

अशिक्षा और गरीबी ने धकेला अपराध की ओर
पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपी अधिक शिक्षित नहीं हैं। गिरोह का मुखिया 54 वर्षीय संतोष गुप्ता अशिक्षित है और सेक्टर-4 स्थित एक कंपनी के सामने फुटपाथ पर रहता है। 34 वर्षीय शौकीन केवल पांचवीं तक पढ़ा है और दिल्ली के जैतपुर में रहता है। 30 वर्षीय सोनू भी अशिक्षित है और सेक्टर-142 की कच्ची कॉलोनी में रहता है। 33 वर्षीय अफसर तीसरी कक्षा तक पढ़ा है और कालिंदी कुंज में रहता है। वहीं 36 वर्षीय मो. इरफान भी अशिक्षित है और फेज-2 थाना क्षेत्र के शिव शक्ति एन्क्लेव में रहता है। पुलिस का कहना है कि गरीबी और अशिक्षा के चलते ये लोग आसानी से अवैध धंधों में शामिल हो गए।

फेज-2 पुलिस की सक्रियता से यह नेटवर्क ध्वस्त हुआ है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरोह के तार पश्चिम बंगाल और एनसीआर के किन अन्य तस्करों से जुड़े हैं। पुलिस टीम ने बरामद गांजा को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और आरोपियों से उनके सप्लायर की जानकारी जुटाई जा रही है। एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि अवैध नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और एनसीआर में ड्रग्स तस्करी करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

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