Noida Laptop Theft Gang Busted: रेकी कर लैपटॉप चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 17 लैपटॉप बरामद

Noida Laptop Theft Gang Busted: रेकी कर लैपटॉप चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 17 लैपटॉप बरामद
नोएडा। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में रेकी कर घरों, पीजी और अस्पतालों से लैपटॉप चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बुधवार देर रात गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी के 17 लैपटॉप, दो अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की गई है। गुरुवार दोपहर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बुधवार रात सेक्टर-20 थाना पुलिस टीम ने सेक्टर-27 की ओर जाने वाले एलिवेटेड रोड के पास चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार दो संदिग्ध युवकों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए गए, जिसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के आदर्श नगर निवासी कमल सिंह उर्फ देव और पंजाब के अमृतसर जिले के तरनतारन गांव निवासी दुष्यंत चौपड़ा उर्फ बोनी के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में पहले रेकी करते थे और फिर मौका पाकर घरों, पीजी और अस्पतालों से लैपटॉप व अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए 17 लैपटॉप बरामद किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि कमल सिंह वर्तमान में सेक्टर-45 स्थित तपस्या नशा मुक्ति केंद्र में नौकरी करता है, जबकि दुष्यंत चौपड़ा सेक्टर-45 स्थित शांति भवन में किराये पर रहता है। दोनों आपस में दोस्त हैं और लंबे समय से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद एक लैपटॉप के असली मालिक की पहचान भी कर ली गई है। यह लैपटॉप गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी मीना बख्शी का है, जिसे 12 दिसंबर की रात करीब 12:30 बजे सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल से चोरी किया गया था। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपी की तस्वीर कैद हो गई थी, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।
इसके अलावा आरोपियों ने 25 नवंबर को गोरखपुर के दरशनवा बाबा टोल निवासी विरेंद्र कुमार यादव का बैग सेक्टर-27 स्थित इंदिरा मार्केट से चोरी किया था। बैग में लैपटॉप के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी थे, जिनमें पीड़ित का आधार कार्ड शामिल था, जो बरामदगी के दौरान पुलिस को मिला।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की वारदातें किसी मजबूरी में नहीं बल्कि अपने शौक पूरे करने के लिए करते थे। पुलिस रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि कमल सिंह के खिलाफ नोएडा और दिल्ली के विभिन्न थानों में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं, जबकि दुष्यंत चौपड़ा उर्फ बोनी के खिलाफ दिल्ली और नोएडा में कुल नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपी इससे पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं। पुलिस अब इनके अन्य आपराधिक नेटवर्क और चोरी के मामलों की भी गहराई से जांच कर रही है।





