Greater Noida West STP Project: ग्रेनो वेस्ट में निर्माणाधीन एसटीपी इसी साल होगा चालू

Greater Noida West STP Project: ग्रेनो वेस्ट में निर्माणाधीन एसटीपी इसी साल होगा चालू

नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। क्षेत्र में निर्माणाधीन सीवरेज शोधित संयंत्र (एसटीपी) को इसी वर्ष चालू करने का लक्ष्य तय किया गया है। परियोजना का 45 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है और प्राधिकरण ने शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने सीवर विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था को तय समयसीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों के अनुसार यह एसटीपी ग्रेटर नोएडा वेस्ट का दूसरा सीवरेज शोधित संयंत्र होगा। इसके चालू होने के बाद इलाके में सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी के निस्तारण से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा। सेक्टर-एक में बनाए जा रहे इस एसटीपी की क्षमता 45 एमएलडी रखी गई है, जिससे बड़ी संख्या में घरों और आसपास के क्षेत्रों से निकलने वाले दूषित जल का शोधन किया जा सकेगा। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस परियोजना पर करीब 80 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एसटीपी के मुख्य पंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य 85 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। प्राधिकरण का लक्ष्य सिविल कार्य, मशीनरी इंस्टॉलेशन और बिजली से जुड़े सभी कार्यों को पूरा कर अगले 6 से 7 महीनों में संयंत्र का संचालन शुरू करने का है। कार्यदायी संस्था को न केवल एसटीपी का निर्माण बल्कि इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी अगले 10 वर्षों के लिए दी गई है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। इसमें स्वच्छता एक अहम बिंदु है। प्राधिकरण का उद्देश्य है कि घरों और फैक्टरियों से निकलने वाले गंदे पानी का शत-प्रतिशत शोधन किया जाए, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।

अधिकारियों के मुताबिक, इस एसटीपी का डिस्पोजल चैनल हिंडन नदी के किनारे बनाया जाएगा। इसके साथ ही संयंत्र को सौर ऊर्जा से भी जोड़ा जाएगा, जिससे बिजली की खपत कम हो और ऊर्जा की बचत हो सके। प्राधिकरण की योजना है कि शोधित पानी का पुन: उपयोग किया जाए, जिससे पानी की बर्बादी रोकी जा सके।

फिलहाल ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में चार एसटीपी चालू स्थिति में हैं, जबकि भविष्य में इनकी संख्या 10 से अधिक करने की योजना है। इसके तहत नॉलेज पार्क-5 में 50 एमएलडी और आईटी सिटी सेक्टर में 12 एमएलडी क्षमता के नए एसटीपी बनाने का भी प्रस्ताव है। मौजूदा समय में बादलपुर में 2 एमएलडी, कासना में 137 एमएलडी, ईकोटेक-2 में 15 एमएलडी और ईकोटेक-3 में 20 एमएलडी क्षमता के एसटीपी संचालित हो रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए एसटीपी के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बन रहा यह एसटीपी आधुनिक तकनीक से लैस है और इससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि परियोजना को तय समय पर पूरा कर जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ दिया जाए।

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