Noida: नोएडा जापानी सिटी में निवेश बढ़ाने को कंपनियों ने दिखाई रुचि, जेट्रो के साथ बैठक में चर्चा

Noida: नोएडा जापानी सिटी में निवेश बढ़ाने को कंपनियों ने दिखाई रुचि, जेट्रो के साथ बैठक में चर्चा
नोएडा। यमुना सिटी के सेक्टर-5ए स्थित जापानी सिटी को विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जेट्रो) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें निवेश बढ़ाने और जापानी कंपनियों को यहां निवेश के लिए आकर्षित करने पर जोर दिया गया। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता जेट्रो के मुख्य महानिदेशक सुजुकी ताकाशी ने की।
जेट्रो में लगभग 1400 जापानी एमएसएमई पंजीकृत हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यमुना सिटी में जापानी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देना था। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाकर बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों और छोटे-मध्यम उद्यमों को आकर्षित करने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने जेट्रो प्रतिनिधियों को बताया कि सेक्टर-5ए मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से जुड़ा है। यहां निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसके अलावा यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के भी पास है। प्रतिनिधियों को बताया गया कि इस क्षेत्र में विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है, जमीन रियायती दरों पर दी जा रही है और उत्तर प्रदेश सरकार की सिंगल विंडो क्लीयरेंस सुविधा के जरिए निवेश प्रक्रिया सरल बनाई गई है।
बैठक में निवेश के अवसरों के रूप में एयरपोर्ट के अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, अपैरल पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क की जानकारी दी गई। कई जापानी कंपनियों ने इस क्षेत्र में निवेश करने की रुचि दिखाई। जेट्रो के मुख्य महानिदेशक सुजुकी ताकाशी और जापानी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र विस्तार और निवेश के लिए सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि भारत में पहले से काम कर रही कई जापानी कंपनियां अपने विस्तार के लिए नए स्थानों की तलाश कर रही हैं।
बैठक के दौरान यीडा के अधिकारियों ने जापानी कंपनियों के पदाधिकारियों को नोएडा एयरपोर्ट का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया। इस अवसर पर यीडा के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया, प्रवीण कुमार मित्तल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में निवेश संभावनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियों और निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के उपायों पर विशेष चर्चा हुई।





