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Noida Farmers Protest: नजरबंदी के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, सीएम से वार्ता की मांग तेज

Noida Farmers Protest: नजरबंदी के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, सीएम से वार्ता की मांग तेज

नोएडा में किसान नेताओं को नजरबंद किए जाने के विरोध में सोमवार को किसानों और विभिन्न संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता कराने की मांग की।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत किसान परिषद, किसान एकता संघ और किसान सभा से जुड़े कार्यकर्ता सुबह करीब 11 बजे सूरजपुर के पास एकत्रित हुए। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने नजरबंदी की कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।

किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि बिना किसी अपराध और कानूनी प्रक्रिया के किसानों को नजरबंद करना पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रही, तो किसान संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।

वहीं किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पिछले दो दिनों से बिना किसी स्पष्ट कारण के घेरकर रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और किसान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी अन्य मांगों को भी जोर-शोर से उठाया। इनमें जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड देने, नए कानूनों को लागू करने और आबादी निस्तारण से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग शामिल है। किसानों का कहना है कि जब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस धरना-प्रदर्शन में प्रमोद शर्मा, वीर सिंह नागर, उदल आर्य, एडवोकेट विनोद, एडवोकेट गुरप्रीत, एडवोकेट संजीव कुमार, एडवोकेट दुर्गेश शर्मा, नरेश नगर, करतार नगर और संदीप भाटी समेत बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए।

फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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