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PM Modi Mauritius Visit: हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना डॉ. अनिल सिंह, संपादक, स्टार व्यूज़

PM Modi Mauritius Visit
PM Modi Mauritius Visit: हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना डॉ. अनिल सिंह, संपादक, स्टार व्यूज़

PM Modi Mauritius Visit:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मॉरीशस यात्रा भारत और इस द्वीपीय राष्ट्र के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जैसे-जैसे भारत इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढांचे में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, मॉरीशस, जो हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से स्थित एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण देश है, भारत, चीन और अमेरिका के बीच भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बनता जा रहा है। भारत की मॉरीशस के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक निकटता को देखते हुए, मोदी की यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत की कूटनीतिक रणनीति का भी संकेत देती है। इस यात्रा से व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा और राजनयिक सहयोग को नया बल मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत-मॉरीशस संबंध वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप और अधिक सशक्त होंगे।

PM Modi Mauritius Visit: हिंद महासागर में भारत का रणनीतिक सहयोगी

मॉरीशस, जो प्रमुख वैश्विक शिपिंग मार्गों के संगम पर स्थित है, भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। चीन जहाँ बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के माध्यम से क्षेत्र में अपनी आर्थिक पैठ बढ़ा रहा है, वहीं अमेरिका भी इंडो-पैसिफिक में अपने रणनीतिक हितों को सुरक्षित करने के लिए सक्रिय है। भारत, जो मॉरीशस से गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रखता है, उसे एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है। मोदी की यह यात्रा मॉरीशस को एक भरोसेमंद समुद्री सहयोगी के रूप में स्थापित करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और हिंद महासागर क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

PM Modi Mauritius Visit:  भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध

भारत और मॉरीशस के बीच संबंधों की जड़ें 19वीं सदी में हैं, जब ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय अनुबंधित श्रमिकों को इस द्वीप पर लाया गया था। आज, मॉरीशस की 68% से अधिक आबादी भारतीय मूल की है, जिससे दोनों देशों के बीच सामाजिक-सांस्कृतिक संबंध अत्यंत प्रगाढ़ हैं। हिंदी और भोजपुरी जैसी भाषाओं की व्यापकता, साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की समानता, इस रिश्ते को और भी प्रगाढ़ बनाती है। वर्षों से, भारत ने मॉरीशस के सांस्कृतिक और शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मोदी की यात्रा ने इस संबंध को और मजबूती प्रदान की, विशेष रूप से सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

PM Modi Mauritius Visit

PM Modi Mauritius Visit: आर्थिक सहयोग: व्यापार और निवेश को नया बल

भारत मॉरीशस का एक प्रमुख व्यापारिक और निवेश साझेदार रहा है, और हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार निरंतर बढ़ा है। 2021 में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक सहयोग और भागीदारी समझौता (CECPA) ने विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावा दिया है। मोदी की इस यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य आर्थिक सहयोग को और गहरा करना था। विशेष रूप से, भारत के निवेश को मॉरीशस के बुनियादी ढांचे, अक्षय ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में बढ़ाने पर चर्चा हुई। मॉरीशस में चीन के बढ़ते निवेश को देखते हुए, भारत अपने “पड़ोसी पहले” (Neighbourhood First) और “हिंद महासागर में सुरक्षा और विकास” (SAGAR) जैसी नीतियों के तहत अपने आर्थिक प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

PM Modi Mauritius Visit: समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग

मोदी की इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू समुद्री सुरक्षा सहयोग था। समुद्री लुटेरों, अवैध मछली पकड़ने और हिंद महासागर में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति जैसी चुनौतियों को देखते हुए, भारत और मॉरीशस ने अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत किया है। भारतीय नौसेना द्वारा मॉरीशस तटरक्षक बल को निर्मित जहाजों की आपूर्ति और संयुक्त नौसैनिक अभ्यास भारत की समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इसके अलावा, मोदी की मॉरीशस नेतृत्व के साथ हुई चर्चाओं में रक्षा सहयोग के विस्तार, सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण, खुफिया साझेदारी और समुद्री निगरानी सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

PM Modi Mauritius Visit
PM Modi Mauritius Visit: समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग

PM Modi Mauritius Visit:  भू-राजनीतिक प्रभाव: चीन और अमेरिका के बीच संतुलन

मोदी की यह यात्रा केवल भारत और मॉरीशस के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके भू-राजनीतिक प्रभाव भी व्यापक हैं। चीन मॉरीशस में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेष रूप से बंदरगाह आधुनिकीकरण में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है, जबकि अमेरिका भी इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में, मोदी की यात्रा यह संकेत देती है कि भारत अपने रणनीतिक प्रभाव को बनाए रखने और मॉरीशस को चीनी निवेशों पर अत्यधिक निर्भर होने से रोकने के लिए प्रयासरत है। साझा सांस्कृतिक विरासत और पारस्परिक समृद्धि पर आधारित विकास मॉडल प्रस्तुत कर, भारत मॉरीशस का पसंदीदा रणनीतिक साझेदार बने रहने की दिशा में काम कर रहा है।

PM Modi Mauritius Visit:  भविष्य में भारत-मॉरीशस व्यापार और सहयोग के अवसर

आगे देखते हुए, भारत और मॉरीशस के बीच व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। मोदी की इस यात्रा ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा और फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। मॉरीशस, जो एक वैश्विक वित्तीय केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है, उसमें भारत की बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के बीच एयर और सी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाकर पर्यटन और व्यापार को और अधिक सशक्त किया जा सकता है, जिससे आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी।

द्विपक्षीय समझ को बढ़ावा देना:

मैंने 1980 के दशक में दिल्ली विश्वविद्यालय से “भारत-मॉरीशस संबंध” विषय पर एम.फिल. शोध किया था, जिससे मुझे दोनों देशों के संबंधों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जटिलताओं को गहराई से समझने का अवसर मिला। यह अध्ययन मेरे लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा, और वर्षों से इन संबंधों के विकास को देखना अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा इस ऐतिहासिक रिश्ते को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

PM Modi Mauritius Visit: भारत-मॉरीशस संबंधों के प्रति एक नई प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस यात्रा भारत की रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती प्रदान करती है। वैश्विक परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच, भारत की यह सक्रिय कूटनीति हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाती है। व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, रक्षा सहयोग का विस्तार करना और बाहरी भू-राजनीतिक दबावों को संतुलित करना इस संबंध के मुख्य स्तंभ बने रहेंगे। ऐतिहासिक संबंधों और भविष्य के दृष्टिकोण के साथ, भारत-मॉरीशस संबंध नई ऊँचाइयों को छूने के लिए तैयार हैं, जिससे मॉरीशस हिंद-प्रशांत रणनीति में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार बना रहेगा।

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संवाददाता

Tirthankar Sarkar

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