Noida E-City Bus: बस सेवा से वंचित गांवों की महिलाओं को कैसे मिलेगा रक्षाबंधन पर मुफ्त सफर का लाभ? ग्राम विकास संगठन ने उठाया सवाल
नोएडा। रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा के बीच नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे कई गांवों और सेक्टरों में ई-सिटी बस सेवा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा उठाया गया है। ग्राम विकास संगठन नोएडा ने सवाल किया है कि जिन क्षेत्रों तक ई-सिटी बसें पहुंच ही नहीं रही हैं, वहां रहने वाली महिलाएं सरकार की निशुल्क यात्रा सुविधा का लाभ कैसे उठा पाएंगी। संगठन ने इसे लेकर नोएडा प्राधिकरण के प्रति नाराजगी जताई है।
ग्राम विकास संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को राहत मिलेगी, लेकिन एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित कई गांव और सेक्टर अभी भी ई-सिटी बस नेटवर्क से बाहर हैं।
संगठन का कहना है कि इन क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के पास ई-सिटी बस की सुविधा ही नहीं है। ऐसे में निशुल्क यात्रा की घोषणा का लाभ उन्हें व्यावहारिक रूप से नहीं मिल सकेगा। संगठन ने मांग की है कि एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सभी गांवों और सेक्टरों को जल्द ई-सिटी बस सेवा से जोड़ा जाए।
अशोक चौहान के मुताबिक इस समस्या को लेकर संगठन पहले भी नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात कर चुका है। 17 जून 2026 को ग्राम विकास संगठन के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचा था।
प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण के ओएसडी अरविंद कुमार सिंह और अधिकारी क्रांति शेखर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे गांवों और सेक्टरों को ई-सिटी बस नेटवर्क से जोड़ने की मांग की गई थी।
संगठन का दावा है कि ज्ञापन दिए जाने के बाद अधिकारियों ने इस दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिया था। संबंधित क्षेत्रों को बस सेवा से जोड़ने के लिए महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह को पत्र लिखने की बात भी कही गई थी। इसके बावजूद अभी तक इन क्षेत्रों में ई-सिटी बस सेवा शुरू नहीं हुई है।
ग्राम विकास संगठन के अनुसार रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर, गढ़ी शाहपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, सुलतानपुर, नंगली साखपुर, नंगली नंगला, नंगली वाजिदपुर और छपरौली बांगर समेत कई गांव ई-सिटी बस सेवा से वंचित हैं।
इसके अलावा दोस्तपुर मंगरौली, याकूतपुर, दल्लूपुरा, मोहियापुर, गुलावली, झट्टा, बादौली, कामबक्शपुर, कोंडली और गढ़ी समस्तीपुर समेत अन्य गांवों को भी मौजूदा बस रूट में शामिल नहीं किए जाने की बात कही गई है।
संगठन ने सेक्टरों की कनेक्टिविटी पर भी सवाल उठाए हैं। उसके मुताबिक सेक्टर-126 से सेक्टर-135 के बीच और सेक्टर-151 से सेक्टर-168 के बीच आने वाले कई सेक्टर ई-सिटी बस सेवा के चार निर्धारित रूटों से बाहर हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन के लिए दूसरे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
अशोक चौहान का कहना है कि इन गांवों और सेक्टरों के लोग करीब 10 वर्षों से सार्वजनिक बस सेवा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ग्राम चौपाल और ‘नोएडा आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों में भी यह मुद्दा कई बार अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है।
ग्राम विकास संगठन का कहना है कि शहर में ई-सिटी बस सेवा शुरू होना सकारात्मक कदम है, लेकिन इसका लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे गांवों और सेक्टरों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से बाहर रखना स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
संगठन ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि इन गांवों और सेक्टरों को जल्द से जल्द ई-सिटी बस सेवा के रूट से जोड़ा जाए, ताकि रक्षाबंधन जैसी सरकारी सुविधाओं के साथ सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिल सके।


